चंदौली। जिले में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। चकिया-मुगलसराय मार्ग पर स्थित चोरमरवा इलाके में पिछले तीन दिनों से लगभग तीन फीट पानी भरा हुआ है, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित है। इसी बीच, बबुरी क्षेत्र में सवारियों से भरी एक बस पानी भरे मार्ग पर अनियंत्रित होकर पलटने से बाल-बाल बची, जिसके बाद पूरे इलाके में हाहाकार मच गया।
तीन दिन से सड़क पर तीन फीट पानी, मार्ग पर रुका आवागमन
लगातार बारिश के चलते चोरमरवा क्षेत्र की मुख्य सड़क पर गड्ढों और जलभराव ने स्थिति को भयावह बना दिया है। मुख्य मार्ग पर लगभग 2 से 3 फीट तक पानी जमा है, जिसके कारण छोटे वाहन तो बीच रास्ते में बंद पड़ जा रहे हैं और बड़े वाहन चालक जोखिम उठाकर गुजरने को मजबूर हैं।
राहगीरों, स्कूली बच्चों और स्थानीय लोगों को रोजाना खतरनाक स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों में रोष, प्रशासन पर उदासीनता का आरोप
स्थानीय लोगों ने बताया कि तीन दिन बीत जाने के बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। लोगों के घरों तक पानी पहुंच चुका है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित है।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के हर मौसम में यह क्षेत्र जलजमाव की चपेट में आ जाता है, लेकिन न तो सड़क ऊँची की गई और न ही जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की गई।
सैकड़ों बीघा धान की फसल जलमग्न
लगातार पानी भरने से खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह डूब चुकी हैं। चोरमरवा और आसपास के गांवों — बबुरी, महमूदपुर, धानापुर आदि में सैकड़ों बीघा धान की फसल बर्बाद हो गई है।
किसानों ने कहा कि यह जलभराव अब एक गंभीर आपदा का रूप ले चुका है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
प्रशासन ने राहत का दिया आश्वासन, पर कार्रवाई धीमी
बारिश और जलजमाव की सूचना पर प्रशासनिक अमले ने स्थिति का जायजा लेने की बात कही है। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित इलाकों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने और राहत सामग्री वितरण की तैयारी की जा रही है।
हालांकि, स्थानीय लोग तत्काल कार्रवाई और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके।
जनजीवन अस्त-व्यस्त, लोग खुद बना रहे रास्ता
चोरमरवा और आसपास के क्षेत्रों में पानी इतना भर गया है कि लोग खुद लकड़ी और ईंटों से रास्ता बना रहे हैं। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं, जबकि बीमार लोग अस्पताल तक पहुंचने में परेशान हैं।
लोगों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि इस समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए।













