चंदौली। ज़िले में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े पर शनिवार को प्रशासन ने बड़ा शिकंजा कसा। एसडीएम सदर संजीव कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने औचक छापेमारी की और तीन फर्जी अस्पतालों को सील कर दिया। इन अस्पतालों में न तो पंजीकरण था और न ही योग्य डॉक्टर तैनात थे, फिर भी खुलेआम मरीजों का इलाज किया जा रहा था।
शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई
पिछले कई महीनों से स्थानीय लोगों द्वारा लगातार शिकायत मिल रही थी कि कस्बे और आसपास के इलाकों में बिना लाइसेंस और बिना योग्यता वाले लोगों द्वारा अस्पताल और नर्सिंग होम संचालित किए जा रहे हैं। आरोप था कि इन अस्पतालों में न तो कोई मानक पूरा किया जा रहा था और न ही सुरक्षा का ध्यान रखा जा रहा था। कई मामलों में मरीजों को गलत दवा और गलत इलाज देकर उनकी हालत बिगड़ने की खबरें भी आई थीं।
छापेमारी में मचा हड़कंप
शनिवार को अचानक प्रशासनिक टीम ने जब इन अस्पतालों पर छापा मारा तो वहां हड़कंप मच गया। इलाज करा रहे मरीजों को बाहर निकालना पड़ा और कर्मचारियों में अफरातफरी का माहौल बन गया। एसडीएम ने मौके पर सभी दस्तावेज़ खंगाले लेकिन किसी भी अस्पताल के पास वैध पंजीकरण या प्रमाण पत्र नहीं मिला। यही नहीं, कुछ जगह इलाज करने वाले लोग मेडिकल डिग्रीधारी भी नहीं थे।
एसडीएम ने दी सख्त चेतावनी
एसडीएम संजीव कुमार ने बताया कि ये अस्पताल पूरी तरह गैरकानूनी तरीके से चल रहे थे। बिना पंजीकरण अस्पताल खोलना गंभीर अपराध है और यह सीधे तौर पर मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के सभी अस्पतालों पर प्रशासन लगातार निगरानी रखेगा और जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जनता ने स्वागत किया
प्रशासन की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में संतोष है। लोगों ने कहा कि ऐसे फर्जी अस्पताल जनता की जान के लिए खतरा बने हुए थे। प्रशासन का यह कदम सराहनीय है और भविष्य में भी इसी तरह की कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि आम जनता सुरक्षित रह सके।
आगे होगी और जांच
सूत्रों के मुताबिक, जिले में और भी कई ऐसे क्लीनिक और नर्सिंग होम चल रहे हैं जिन पर शक है। स्वास्थ्य विभाग ने उनकी सूची तैयार कर ली है और जल्द ही उन पर भी छापेमारी हो सकती है। प्रशासन का कहना है कि जिले में सिर्फ वही अस्पताल चलेंगे जो सभी मानकों को पूरा करेंगे और जिनके पास वैध अनुमति होगी।













