चन्दौली। डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराध और स्मार्ट पुलिसिंग की जरूरतों को देखते हुए जनपद पुलिस ने तकनीकी सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देशन में जिले के विभिन्न थानों और कार्यालयों में तैनात 16 कंप्यूटर ऑपरेटरों का पांच दिवसीय विशेष तकनीकी प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण 23 फरवरी से 27 फरवरी 2026 तक आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को आधुनिक डिजिटल चुनौतियों से निपटने के लिए व्यावहारिक और सैद्धांतिक दोनों प्रकार की जानकारी दी गई।
जनपद चन्दौली में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस बल को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम बनाना था, ताकि तेजी से बदलते अपराध के स्वरूप—विशेषकर साइबर अपराध—का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके। पांच दिवसीय सत्रों में प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा के मूल सिद्धांत, नेटवर्किंग की आधारभूत संरचना, डेटा प्रबंधन और पुलिसिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग व संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने डिजिटल साक्ष्य संरक्षण, ऑनलाइन धोखाधड़ी की पहचान, डेटा संचार की सुरक्षित प्रक्रिया और केस विवेचना में तकनीक की भूमिका पर विशेष जोर दिया।
प्रशिक्षण के दौरान ऑपरेटरों को यह भी बताया गया कि वर्तमान समय में अपराधियों के तौर-तरीके तेजी से डिजिटल होते जा रहे हैं, ऐसे में पुलिस कर्मियों का तकनीकी रूप से अपडेट रहना बेहद जरूरी है। सत्रों में साइबर हमलों से बचाव, नेटवर्क सुरक्षा, पासवर्ड प्रोटेक्शन, डिजिटल फॉरेंसिक के प्राथमिक पहलुओं और ऑनलाइन शिकायतों के त्वरित निस्तारण की प्रक्रिया पर भी व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षकों ने रीयल-टाइम उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि किस प्रकार तकनीकी दक्षता से विवेचना की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार लाया जा सकता है।
कार्यक्रम के समापन पर पुलिस अधीक्षक ने सभी 16 कंप्यूटर ऑपरेटरों को प्रमाण पत्र प्रदान कर उनके समर्पण और सीखने की प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि बदलते समय में पुलिसिंग का स्वरूप भी तेजी से तकनीकी होता जा रहा है। ऐसे में साइबर सुरक्षा और AI का ज्ञान न केवल अपराध नियंत्रण में सहायक होगा, बल्कि जनता को त्वरित, पारदर्शी और बेहतर सेवाएं देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षित ऑपरेटर अपने-अपने थानों और कार्यालयों में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देंगे और डिजिटल पुलिसिंग को नई मजबूती प्रदान करेंगे।









