चंदौली। नगरवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी होने जा रही है। नगर को सुभाष पार्क से लेकर चकिया मोड़ तिहारे तक जल्द ही एलिवेटेड पुल की सौगात मिलेगी। सेतु निर्माण विभाग ने 440 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर शासन को भेज दी है। मंजूरी मिलने के बाद कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। इसके साथ ही नगर में सड़क चौड़ीकरण को लेकर चल रहा विवाद भी समाप्त हो जाएगा।
पहले अटका था प्रस्ताव, अब मिली रफ्तार
सूत्रों के मुताबिक, नगर के एलिवेटेड पुल का प्रस्ताव पहले भी शासन को भेजा गया था, लेकिन उस समय स्वीकृति नहीं मिल सकी थी। हाल ही में 17 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चंदौली दौरे के दौरान जनता ने यह मांग दोहराई थी। मुख्यमंत्री ने मंच से ही एलिवेटेड पुल के निर्माण का आश्वासन दिया। उनके निर्देश के बाद सेतु निगम ने दोबारा प्रस्ताव को संशोधित कर भेजा है।
फोर लेन को लेकर उठा था विवाद
दरअसल, पड़ाव चौराहे से गोधना मोड़ तक सिक्स लेन और फोर लेन सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। नगर क्षेत्र में गुरुद्वारे से रेलवे के वीआईपी गेट तक फोर लेन बनाए जाने की योजना थी। इसकी जानकारी होते ही नगरवासियों ने विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि जब बाकी हिस्से में सिक्स लेन बनाई जा रही है तो नगर क्षेत्र में फोर लेन क्यों? इसी विवाद के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने नगर को 8 लेन सुविधा दिलाने के लिए एलिवेटेड पुल बनाने का आश्वासन दिया था।
परियोजना प्रबंधक ने दी जानकारी
सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक मनोज कुमार ने ‘Akhand News’ से बातचीत में बताया कि एलिवेटेड पुल के दोनों ओर सात मीटर चौड़ी सर्विस लेन बनाई जाएगी। पुल पुराने जीटीआर ब्रिज के पूरब की तरफ बनेगा। रेलवे रनिंग स्टाफ और यात्रियों की सुविधा के लिए दोनों ओर सीढ़ियां दी जाएंगी। पुल पर सभी प्रकार के वाहन चल सकेंगे, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा और लोगों को जाम से निजात मिलेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुल के दोनों तरफ पैदल उतरने के लिए सीढ़ियां बनाई जाएंगी। यदि कोई यात्री पुल से उतरकर सीधे स्टेशन जाना चाहे तो आसानी से नजदीकी रास्ते से प्लेटफॉर्म तक पहुंच सकेगा।
रेल यात्रियों को होगा फायदा
पुल के निर्माण से रेल यात्रियों को भी बड़ी राहत मिलेगी। विशेषकर वे यात्री जो पीडीडीयू जंक्शन से लंबी दूरी की ट्रेनें पकड़ते हैं, उन्हें स्टेशन तक पहुंचने में सहूलियत होगी। यात्री स्टेशन के दक्षिणी हिस्से से सीधे प्लेटफॉर्म तक पहुंच पाएंगे। साथ ही पुराने वीआईपी गेट का भी सुगम उपयोग हो सकेगा। इससे स्टेशन पर भीड़ कम होगी और यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी।













