चंदौली। जिले से एक बेहद मार्मिक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। ससुराल में कथित दहेज प्रताड़ना से परेशान होकर फंदा लगाने वाली विवाहिता चांदनी चौहान ने 12 दिन तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद सोमवार तड़के दम तोड़ दिया। चांदनी की मौत के बाद मायके पक्ष में कोहराम मच गया है, वहीं परिजनों ने इसे आत्महत्या नहीं बल्कि दहेज हत्या करार दिया है।
चकिया कोतवाली क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव निवासी चांदनी चौहान ने बीते 1 दिसंबर को अपने ससुराल में कमरे के अंदर फंदा लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया था। गंभीर अवस्था में उसे पहले वाराणसी ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां से हालत नाजुक होने पर बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। 12 दिनों तक चले इलाज के बावजूद आखिरकार सोमवार भोर में उसकी मौत हो गई।
मृतका के परिजनों के अनुसार, चांदनी चौहान का विवाह वर्ष 2022 में जित्तमपुर निवासी स्वर्गीय सालीक चौहान की पुत्री के रूप में सिकंदरपुर गांव के राहुल चौहान से हुआ था। शादी के कुछ ही समय बाद से ससुराल पक्ष द्वारा दहेज की मांग को लेकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। लगातार हो रही प्रताड़ना और घरेलू कलह के चलते चांदनी मानसिक रूप से टूट गई थी।
घटना के दिन पति राहुल चौहान ने उसे फंदे से उतारकर आनन-फानन में वाराणसी के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। बाद में परिजन उसे एक निजी अस्पताल भी ले गए, जहां से 21 दिसंबर को उसे डिस्चार्ज कर घर लाया गया। हालांकि घर पहुंचते ही उसकी तबीयत दोबारा बिगड़ गई, जिसके बाद फिर से बीएचयू ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने अंतिम सांस ली।
मृतका के भाई पंकज चौहान ने चकिया कोतवाली में लिखित तहरीर देकर अपने बहनोई राहुल चौहान और ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है। पंकज का कहना है कि उसकी बहन को लगातार दहेज के नाम पर मानसिक दबाव में रखा गया, जिससे मजबूर होकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।
इस मामले में चकिया कोतवाली प्रभारी अर्जुन सिंह ने बताया कि मृतका के भाई की तहरीर प्राप्त हो गई है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर यदि दहेज हत्या की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।













