वाराणसी। होली पर्व से ठीक पहले चौबेपुर–कादीपुर मार्ग पर बने नवनिर्मित रेलवे ओवरब्रिज को आम जनता के आवागमन के लिए खोल दिया गया, जिससे लंबे समय से रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम और घंटों की प्रतीक्षा से परेशान क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिली है। गुरुवार देर शाम से पुल पर छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई, जिसके बाद आसपास के ग्रामीण इलाकों में उत्साह का माहौल देखा गया। यह ओवरब्रिज चौबेपुर और कादीपुर को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग माना जा रहा है, जो त्योहारों और रोजमर्रा के आवागमन के दबाव को काफी हद तक कम करेगा।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों के प्रयासों और प्रशासनिक समन्वय के बाद पुल को चालू कराने का निर्णय लिया गया। अजगरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक त्रिभुवन राम ने संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर होली के मद्देनजर तत्काल पुल खोलने पर जोर दिया। सेतु निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर की मौजूदगी में औपचारिक रूप से पुल को जनता के लिए खोल दिया गया। बताया गया कि निर्माण कार्य पहले ही लगभग पूरा हो चुका था, लेकिन कुछ तकनीकी और प्रशासनिक औपचारिकताओं के कारण उद्घाटन में देरी हो रही थी। त्योहार के समय यातायात दबाव को देखते हुए इन औपचारिकताओं को तेजी से पूरा कर आवागमन शुरू करा दिया गया।
इस ओवरब्रिज के चालू होने से अजाव, गरथैली, धौरहरा, कादीपुर, मुनारी, खेतलपुर, बेड़ोडीह, बर्थरा खुर्द, हड़ियाडीह, परानापुर और कौआपुर सहित एक दर्जन से अधिक गांवों के हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलने लगा है। अब लोगों को रेलवे फाटक बंद होने पर लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा, जिससे समय की बचत के साथ-साथ आपात स्थितियों में मरीजों और एंबुलेंस की आवाजाही भी सुगम हो सकेगी। व्यापारियों को माल ढुलाई में सुविधा मिलेगी, वहीं छात्रों और नौकरीपेशा लोगों के लिए रोजाना का सफर आसान हो जाएगा।
क्षेत्रीय लोगों के अनुसार, पहले रेलवे क्रॉसिंग पर दिन में कई बार जाम लग जाता था, जिससे स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों और कामकाजी लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। त्योहारों, बाजार के दिनों और बारात-शादी के मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती थी। ओवरब्रिज शुरू होने के बाद अब वाहनों की रफ्तार बनी रहेगी और वैकल्पिक मार्गों पर भी दबाव कम होगा। स्थानीय व्यापार मंडल का कहना है कि पुल चालू होने से बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ेगी और छोटे व्यापारियों को भी आर्थिक लाभ मिलेगा।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पुल पर फिलहाल छोटे और हल्के वाहनों की आवाजाही की अनुमति दी गई है, जबकि भारी वाहनों के संचालन को लेकर ट्रैफिक प्लान तैयार किया जा रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर रेलिंग, संकेतक बोर्ड, स्ट्रीट लाइट और स्पीड कंट्रोल से जुड़े कुछ कार्य शेष बताए जा रहे हैं, जिन्हें जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया गया है। यातायात पुलिस को भी पुल और उससे जुड़े मार्गों पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं, ताकि त्योहार के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
उद्घाटन के दौरान क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। लोगों ने पुल के शुरू होने पर खुशी जताते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से लंबित इस परियोजना के चालू होने से अब गांव-शहर के बीच संपर्क बेहतर होगा और भविष्य में क्षेत्र में निवेश व विकास की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।













