सोनभद्र। प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी 2.0 के तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेशभर के लगभग दो लाख लाभार्थियों के बैंक खातों में पहली किश्त के रूप में करीब 2000 करोड़ रुपये की धनराशि सीधे हस्तांतरित की। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में किया गया, जिसका सजीव प्रसारण कलेक्ट्रेट सभागार, सोनभद्र में देखा गया।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में सदर विधायक भूपेश चौबे, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वागीश कुमार शुक्ला, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष रूबी प्रसाद, परियोजना निदेशक डूडा सुधांशु शेखर शर्मा सहित नगर निकायों के जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी मौजूद रहे। अपराह्न तीन बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बटन दबाकर प्रदेश के लगभग दो लाख पात्र लाभार्थियों को पहली किश्त की राशि उनके खातों में भेजी, जिससे पूरे सभागार में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वाराणसी, अयोध्या, अलीगढ़, गोरखपुर, लखीमपुर खीरी और चित्रकूट के एक-एक लाभार्थी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधा संवाद किया और योजना से उनके जीवन में आए बदलाव की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास” के संकल्प के तहत आवास जैसी मूलभूत आवश्यकता को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि कोई भी परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर न हो।
सोनभद्र जनपद के लिए यह दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा। जिले के सभी नौ नगर निकायों के अंतर्गत कुल 3655 लाभार्थियों के खातों में 36 करोड़ 55 लाख रुपये की धनराशि सिंगल क्लिक से भेजी गई। इस राशि से हजारों परिवारों के पक्के घर का सपना साकार होने की दिशा में ठोस शुरुआत हो गई है। लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी और उन्होंने सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
सदर विधायक भूपेश चौबे ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गरीब, असहाय और मध्यम वर्ग के लिए आवास अब सपना नहीं, बल्कि हकीकत बन रहा है। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल मकान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को सम्मानजनक जीवन देने का माध्यम है। विधायक ने लाभार्थियों से अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने, शिक्षा को प्राथमिकता देने और निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे एसआईआर अभियान के अंतर्गत मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की भी अपील की।
कार्यक्रम के अंत में पात्र लाभार्थियों को आवास स्वीकृति प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। अधिकारियों ने बताया कि आगे की किश्तें भी निर्धारित समय पर जारी की जाएंगी और निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जाएगी, ताकि गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से आवास पूरे हो सकें। कुल मिलाकर, यह कार्यक्रम सोनभद्र सहित पूरे प्रदेश के लिए सामाजिक सुरक्षा और समावेशी विकास की दिशा में एक मजबूत संदेश लेकर आया।













