वाराणसी। मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त जनक कुमार गर्ग ने बुधवार को बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) का व्यापक निरीक्षण कर वहां निर्मित हो रहे आधुनिक इलेक्ट्रिक रेल इंजनों की गुणवत्ता, निर्माण प्रक्रिया और संरक्षा प्रबंधों का सूक्ष्म परीक्षण किया। उनके इस दौरे को भारतीय रेल में सुरक्षा मानकों को और सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने लोको फ्रेम शॉप, लोको असेंबली शॉप, ट्रक मशीन शॉप और लोको टेस्ट शॉप का दौरा कर प्रत्येक चरण में अपनाए जा रहे सुरक्षा उपायों और गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रियाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी ली और आवश्यक सुधारों के संबंध में दिशा-निर्देश भी दिए।
कारखाने पहुंचने पर मुख्य विद्युत इंजीनियर अरविंद कुमार जैन ने उनका स्वागत किया। प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर सुशील कुमार श्रीवास्तव ने बरेका की उत्पादन क्षमता, उन्नत तकनीकों, उच्च गुणवत्ता मानकों और संरक्षा प्रोटोकॉल पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि आधुनिक इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव निर्माण में अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन किया जा रहा है।
इस दौरान प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर विवेक शील, प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक आलोक अग्रवाल, प्रधान वित्त सलाहकार मुक्तेश मित्तल तथा प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी लालजी चौधरी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने उत्पादन प्रक्रिया, परीक्षण प्रणाली और सुरक्षा अनुपालन से जुड़ी व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की।
उल्लेखनीय है कि बरेका, जो पहले डीजल इंजनों के निर्माण के लिए प्रसिद्ध था, अब उच्च क्षमता वाले इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव जैसे WAG-12 सहित अन्य उन्नत मॉडलों का निर्माण कर रहा है। यह इकाई भारतीय रेलवे की प्रमुख उत्पादन इकाइयों में शामिल है और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने में अहम भूमिका निभा रही है।









