वाराणसी। जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग के विरोध में गुरुवार को वाराणसी में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। ‘यंग इंडियन’ मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
महानगर कांग्रेस कार्यालय से मलदहिया चौराहे तक निकाले गए विरोध मार्च में सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। कड़ी पुलिस व्यवस्था के बीच प्रदर्शनकारी सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा तक पहुंचे और माल्यार्पण के बाद सरकार विरोधी नारे लगाए। हालात तनावपूर्ण होते देख पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइंस भेज दिया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान ‘तानाशाही नहीं चलेगी’ और ‘ईडी-सीबीआई का दुरुपयोग बंद करो’ जैसे नारे गूंजते रहे। नेताओं ने चेतावनी दी कि दमन की राजनीति से कांग्रेस डरने वाली नहीं है।
प्रदर्शन से पहले ही पुलिस ने कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को नजरबंद कर दिया था। महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे और जिलाध्यक्ष सहित अनेक नेता सुबह से ही हाउस अरेस्ट में रहे, इसके बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। मलदहिया और लहुराबीर क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती रही।
प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अन्याय के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी और यदि ईडी की कार्रवाई वापस नहीं ली गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। यह प्रदर्शन दिल्ली की अदालत के हालिया फैसले के बाद कांग्रेस के देशव्यापी विरोध कार्यक्रम का हिस्सा बताया जा रहा है।









