चंदौली। जिले के बरहनी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पर तैनात संविदा स्वास्थ्यकर्मी मानदेय न मिलने से गहरे आर्थिक संकट में हैं। बीते दो माह से भुगतान न होने के कारण स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि कर्मचारियों को घर चलाने के लिए कर्ज और उधारी का सहारा लेना पड़ रहा है।
पीएचसी में चिकित्सक, फार्मासिस्ट, एएनएम, बीपीएम, काउंसलर, एसटीएस समेत कुल 21 संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं। इनका कहना है कि रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना अब मुश्किल हो गया है। राशन, किराया, बिजली-पानी का बिल और बच्चों की फीस जैसी जिम्मेदारियों ने उनके लिए तनाव बढ़ा दिया है।
“उधार लेकर चुकानी पड़ रही फीस”
संविदा स्वास्थ्यकर्मी संघ की जिलाध्यक्ष डॉ. कुसुम ने बताया, “मानदेय न मिलने की वजह से हम घर का किराया और बच्चों की फीस तक उधार लेकर चुका रहे हैं। त्योहार के मौके पर आर्थिक संकट और भी गहरा गया है। सरकार और विभाग को इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल भुगतान करना चाहिए।”
काम बंद और आंदोलन की चेतावनी
कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द मानदेय जारी नहीं हुआ तो वे आंदोलन और कार्य बहिष्कार करने के लिए बाध्य होंगे। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने के लिए कर्मचारियों की परेशानियों का हल प्राथमिकता से निकाला जाना जरूरी है।
विभाग ने दिया आश्वासन
वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि मानदेय शीघ्र ही जारी कर दिया जाएगा और आगे से समय पर भुगतान सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
मानदेय भुगतान की मांग उठाने वालों में तेज प्रताप भारतीय, डॉ. एसपी त्यागी, डॉ. ऋषि यादव, रोशन अली, आनंद और नंदलाल सहित अन्य संविदा कर्मी शामिल रहे। उनका कहना है कि त्योहार के पहले मानदेय मिलना न सिर्फ आर्थिक राहत देगा बल्कि कर्मचारियों का मनोबल भी बढ़ाएगा।









