वाराणसी। पूर्व आईपीएस अधिकारी और आज़ाद अधिकार सेना के अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर की भारी सुरक्षा के बीच वाराणसी कोर्ट में पेशी को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। इस पूरे घटनाक्रम पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने प्रेस वार्ता कर भाजपा सरकार, जिला प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए।
अजय राय ने कहा कि अमिताभ ठाकुर को जिस तरह बुलेटप्रूफ जैकेट और बॉडी प्रोटेक्टर पहने पुलिसकर्मियों के सख्त घेरे में कोर्ट लाया गया, उससे साफ है कि भाजपा सरकार डरी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेशी के दौरान वाराणसी पुलिस द्वारा लगातार सीटी बजाना एक सोची-समझी साजिश थी, ताकि अमिताभ ठाकुर मीडिया के सामने कुछ भी न बोल सकें और उनकी आवाज दबाई जा सके। इसे उन्होंने लोकतंत्र की हत्या करार दिया।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि अमिताभ ठाकुर को बी-वारंट पर देवरिया जेल से गुरुवार शाम वाराणसी लाया गया और वाराणसी सेंट्रल जेल में तन्हाई बैरक में रखा गया। पूरी रात वे बेचैनी में रहे और सो नहीं सके। हिंदू संगठनों के कथित आक्रोश का हवाला देकर जिस तरह 500 से अधिक पुलिसकर्मियों को कोर्ट परिसर में बुलेटप्रूफ जैकेट के साथ तैनात किया गया, हर गेट पर भारी फोर्स लगाई गई और कोर्ट के अंदर मौजूद लोगों व गाड़ियों को बाहर निकाल दिया गया, वह दमनकारी सोच को दर्शाता है।
अजय राय ने आरोप लगाया कि वाराणसी पुलिस सत्ता के दबाव में निष्पक्षता छोड़ चुकी है। उन्होंने कहा कि जब अमिताभ ठाकुर को गाड़ी से उतारा गया, तब पूरी गाड़ी ढक दी गई और उनके चेहरे तक को मीडिया से छिपाया गया। सुबह से मौजूद मीडिया को शाम करीब साढ़े पांच बजे तक इंतजार कराया गया, ताकि सच्चाई जनता तक न पहुंच सके।
उन्होंने वाराणसी पुलिस अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारें स्थायी नहीं होतीं और सत्ता के दबाव में किया गया हर गलत काम भविष्य में सवाल बनकर खड़ा होता है। अजय राय ने साफ कहा कि भाजपा सरकार आलोचनात्मक आवाजों से डरती है और इसी डर में पुलिस-प्रशासन का दुरुपयोग कर लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचल रही है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह पूरा मामला लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है और कांग्रेस पार्टी इस अन्याय के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी तथा अमिताभ ठाकुर के साथ हुए व्यवहार को जनता के सामने लाएगी।













