चंदौली। अलीनगर थाना क्षेत्र में पुलिस और स्वाट टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए जाली नोट बनाने वाले गिरोह का खुलासा किया है। छापेमारी के दौरान एक आरोपी समेत दो नाबालिगों को पकड़ते हुए भारी मात्रा में नकली नोट और उपकरण बरामद किए गए।
पुलिस के अनुसार, मानस नगर स्थित एक मकान में गुप्त सूचना के आधार पर दबिश दी गई। टीम ने मौके पर मौजूद लोगों को भागने का प्रयास करते हुए पकड़ा। तलाशी के दौरान 100 रुपये के कई जाली नोट, अर्धनिर्मित शीट और वाटरमार्क पेपर बरामद हुए।
कार्रवाई में मौके से प्रिंटर, लैमिनेटर, लाइट बॉक्स, बटर पेपर, बॉन्ड पेपर, हेयर ड्रायर और लैपटॉप जैसे उपकरण भी जब्त किए गए। लैपटॉप में 200 और 500 रुपये के नोटों के डिजाइन भी पाए गए, जिनका उपयोग नकली नोट तैयार करने में किया जा रहा था।
गिरफ्तार आरोपी उधम सिंह यादव ने पूछताछ में बताया कि उसने जाली नोट बनाने की तकनीक ऑनलाइन माध्यम से सीखी थी। गिरोह सोशल मीडिया के जरिए संपर्क बनाकर नकली नोटों की सप्लाई करता था और कम कीमत में असली नोटों के बदले जाली नोट देकर धोखाधड़ी करता था।
पुलिस ने एक अन्य नाबालिग को भी पकड़ा, जिसके पास से अतिरिक्त जाली नोट बरामद हुए। कुल मिलाकर 50 से अधिक नकली नोट जब्त किए गए हैं। इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इस ऑपरेशन में थाना अलीनगर पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त भूमिका रही। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।













