चंदौली। पूर्वांचल के चंदौली जिले में पिछले एक महीने में अपराध की घटनाओं ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले में 18 नवंबर से लेकर 15 दिसंबर तक छह हत्याओं की घटनाएं हुई हैं, जिनमें गोलीबारी, लाठी-डंडों और ईंट से हमला शामिल है।
अपराध की श्रृंखला 18 नवंबर को रोहिताश पाल की गोली मारकर हत्या से शुरू हुई। इसके दो दिन बाद अलीनगर थाना क्षेत्र के परोरवा गांव में राजकुमार की ईंट से कुचलकर हत्या की गई। 23 नवंबर को सैयदराजा थाना क्षेत्र के काजीपुर गांव में पीयूष की लाठी और बोतलों से पीट-पीटकर हत्या हुई। 30 नवंबर को मुगलसराय कोतवाली के मडिया क्षेत्र में रोहित निषाद की सिर कुचलकर हत्या हुई। 5 दिसंबर को सकलडीहा थाना क्षेत्र के नानार तुलसी आश्रम रेलवे स्टेशन के पास व्यापारी ओमप्रकाश मौर्य की लाठी से हत्या कर दी गई। सबसे ताजा घटना 15 दिसंबर को सैयदराजा थाना क्षेत्र के दुधारी गांव में हुई, जहां चोरी की असफल कोशिश में बदमाशों ने घर के 15 वर्षीय बेटे को गोली मार दी।
इन हत्याओं के साथ ही डीडीयू सर्किल और आसपास चोरी, बाइक चोरी और राहजनी की घटनाओं में भी इजाफा हुआ है। पिछले 24 घंटों में दो मोटरसाइकिल चोरी की घटनाएं हुईं, जिससे पुलिस गश्त पर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोग अनुभवी पुलिसकर्मियों की कमी और कमजोर खुफिया तंत्र को अपराध बढ़ने की वजह बता रहे हैं। कई कुशल पुलिसकर्मियों को अन्य क्षेत्रों में शिफ्ट किया गया है, जिससे शहरी इलाकों में सुरक्षा की स्थिति कमजोर हुई है। लोगों ने एसपी से अनुभवी स्टाफ की वापसी, गश्त बढ़ाने और खुफिया प्रणाली मजबूत करने की मांग की है।
पुलिस अपराध नियंत्रण के दावे कर रही है, लेकिन लगातार बढ़ती घटनाओं ने लोगों में डर और गुस्सा बढ़ा दिया है। अब यह देखना बाकी है कि क्या पुलिस ठोस कदम उठाकर चंदौली को अपराध मुक्त बना पाएगी या यह जिला अपराधियों का गढ़ बनकर रह जाएगा।









