सैयदराजा (चंदौली)। नगर में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मंगलवार को मां काली की पूजा का आयोजन बड़े श्रद्धा और विधि-विधान के साथ किया गया। यह पूजा नगर के डाकखाना गली स्थित शंकर जी मंदिर प्रांगण से प्रारंभ हुई। पूजा का उद्देश्य नगरवासियों के सुख-शांति और समृद्धि की कामना करना था।
पूजा कार्यक्रम की शुरुआत दर्शनीय मोलई बाबा और रजिंदर बाबा द्वारा की गई, जिन्होंने मां काली की मूर्ति के साथ नगर का भ्रमण किया और चारों दिशाओं में पूजन-अर्चन कर नगर में सुख-शांति की प्रार्थना की। देर शाम यह यात्रा स्टेशन रोड स्थित मां काली मंदिर पर समाप्त हुई, जहां अखंड हवन-पूजन का आयोजन किया गया।
पूजन उपरांत श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया। विशेष परंपरा के अंतर्गत भैंसा और भेड़ा को मां काली का निशान देकर छोड़ा गया, जिसे देवी को समर्पित करने की परंपरा मानी जाती है। इसके अतिरिक्त बचाऊ विश्वकर्मा द्वारा बनाई गई मां की डोली भी मां काली के चरणों में अर्पित की गई।

पूजा के दौरान एक विशेष धार्मिक परंपरा के तहत गगरी में धार लेकर नगर के चारों कोनों में उसे छिड़का गया, जिससे नगर पर कोई भी विपत्ति न आए और सभी देवी-देवताओं की कृपा बनी रहे। पूरे नगर में मां काली के झंडे भी लगाए गए, जिससे धार्मिक माहौल और अधिक पावन हो गया।
मां काली मंदिर के पुजारी द्वारा विधिपूर्वक पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई। कार्यक्रम के दौरान नगर के गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही।
इस भव्य आयोजन में चेयरमैन प्रतिनिधि राजेश कुमार उर्फ बाढ़ू जायसवाल, पूर्व चेयरमैन वीरेंद्र जायसवाल, मोहन अग्रहरि, अरुण मौर्या, अंकित जायसवाल, चंद्रशेखर प्रजापति, राहुल जायसवाल, रोहित जायसवाल, विनोद शर्मा, डॉ. रामअशीष कुशवाहा, दिलीप अग्रहरी उर्फ गुड्डू, ओमप्रकाश अग्रहरी, पिंटू अग्रहरी, गोपाल केशरी, षष्ठ राहुल, अमित साहू, अंकित, सूरज, नीरज, कल्लू समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
पूरे कार्यक्रम में श्रद्धा, उत्साह और भक्ति का माहौल रहा। नगरवासियों ने मां काली से नगर के कल्याण और शांति की प्रार्थना की।
विशेष संवाददाता- गनपत राय













