वाराणसी। विश्व दिव्यांग दिवस के मौके पर बुधवार को रोहनिया स्थित समेकित क्षेत्रीय कौशल विकास, पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण केंद्र (सीआरसी), खुशीपुर में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों को सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत मुफ्त सहायक उपकरण प्रदान किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजनों और बुजुर्गों को बेहतर गतिशीलता, आत्मनिर्भरता और जीवन सुविधाएँ उपलब्ध कराना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित भावेश सेठ तथा सीआरसी के निदेशक आशीष कुमार झा ने लाभार्थियों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, वॉकर, बैसाखी, श्रवण यंत्र, स्टिक आदि उपकरण सौंपे। कुल मिलाकर लगभग 6 लाख रुपये से अधिक मूल्य के उपकरण वितरित किए गए, जिससे कई लाभार्थियों के चेहरे खिल उठे।
समारोह में बोलते हुए मुख्य अतिथि भावेश सेठ ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर दिव्यांगजन तक तकनीकी सहायता और आवश्यक सुविधाएँ पहुँचें। उन्होंने योजनाओं का विस्तृत विवरण देते हुए बताया कि एडिप योजना और राष्ट्रीय वयोश्री योजना के माध्यम से लाखों लोगों को देशभर में लाभ मिल रहा है।
सीआरसी निदेशक आशीष कुमार झा ने कहा कि संस्थान का लक्ष्य दिव्यांग और वयोवृद्ध नागरिकों को न केवल सहायक उपकरण उपलब्ध कराना है, बल्कि उन्हें प्रशिक्षण, पुनर्वास सेवाओं और परामर्श के माध्यम से आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ाना भी है। उन्होंने बताया कि केंद्र में अनेक प्रकार की निःशुल्क पुनर्वास सेवाएँ उपलब्ध हैं, जिनका लाभ कोई भी पात्र व्यक्ति ले सकता है।
कार्यक्रम के दौरान नमो नारायण पाठक (सहायक प्रोफेसर–विशेष शिक्षा), अंशू साही (प्रशासनिक अधिकारी), दिनेश जायसवाल (लेखाकार) और प्रधानमंत्री दिव्यांगजन केंद्र वाराणसी के प्रभारी अवनीश कुमार सिंह सहित कई अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर लाभार्थियों को उपकरण सौंपते हुए विश्व दिव्यांग दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला।









