चंदौली। ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) चकिया में कार्यक्रमों के मंच संचालन और ड्यूटी आवंटन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। शिक्षकों ने आरोप लगाया है कि जिम्मेदारियों के निर्धारण में पारदर्शिता का अभाव है और चहेते शिक्षकों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे व्यापक असंतोष का माहौल बन गया है।
शिक्षक संगठनों से जुड़े कई शिक्षकों का कहना है कि कुछ पदाधिकारी बिना किसी लिखित आदेश या आधिकारिक निर्देश के बीआरसी पहुंचकर मंच संचालन, व्यवस्थापन और कार्यक्रम समन्वय की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इससे अन्य शिक्षकों में उपेक्षा की भावना पैदा हो रही है और व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
हाल ही में आयोजित ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम “हमारा आंगन हमारे बच्चे” को लेकर विवाद और बढ़ गया। इस कार्यक्रम में 40 चयनित विद्यालयों के बच्चों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और नोडल अध्यापकों की सहभागिता तय थी। आरोप है कि जिन शिक्षकों या विद्यालयों का नाम आधिकारिक सूची में शामिल नहीं था, वे भी कार्यक्रम में प्रमुख भूमिका निभाते दिखाई दिए। इससे कार्यक्रम की पारदर्शिता और चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
इसी क्रम में ब्लॉक स्तर पर आयोजित एक्सपोजर विजिट टूर में भी ड्यूटी आवंटन को लेकर पक्षपात के आरोप सामने आए हैं। शिक्षकों का कहना है कि इस टूर में सहयोग के लिए केवल जूनियर हाई स्कूल के शिक्षकों को लगाया जाना था, लेकिन वास्तविकता में एक विशेष संगठन से जुड़े शिक्षकों को प्राथमिकता दी गई। इससे अन्य शिक्षकों में नाराजगी और असंतोष और अधिक बढ़ गया है।
आक्रोशित शिक्षकों ने खंड शिक्षा अधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि ड्यूटी आवंटन और मंच संचालन के लिए स्पष्ट और लिखित दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार का पक्षपात न हो और सभी शिक्षकों को समान अवसर मिल सके।
शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो इसका प्रतिकूल प्रभाव शैक्षिक गतिविधियों और ब्लॉक स्तर के कार्यक्रमों पर पड़ सकता है। फिलहाल बीआरसी चकिया में इस मुद्दे को लेकर माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और शिक्षक प्रशासन से त्वरित व निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद लगाए हुए हैं।













