चंदौली। सरस्वती प्रतिमा विसर्जन के दौरान डीजे की तेज आवाज पर शुरू हुआ विवाद अब सीधे कानून के शिकंजे तक पहुंच गया है। सैयदराजा थाना क्षेत्र में पुलिस ने समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक मनोज सिंह ‘डब्लू’ सहित चार नामजद और करीब 50 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामला सरकारी कार्य में बाधा, शांति भंग और पुलिस से दुर्व्यवहार से जुड़ा बताया जा रहा है।
घटना 26 जनवरी की रात की है, जब विसर्जन जुलूस के लिए अयोध्या से मंगवाए गए हाई-पावर डीजे को लेकर पुलिस और आयोजकों के बीच तनाव पैदा हो गया। पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए साउंड कम करने और जुलूस का रूट नियंत्रित करने का निर्देश दिया, जिससे मौके पर मौजूद युवाओं में नाराजगी फैल गई।
स्थिति बिगड़ती देख पूर्व विधायक मनोज सिंह ‘डब्लू’ मौके पर पहुंचे और युवाओं का समर्थन किया। इसी दौरान क्षेत्राधिकारी देवेंद्र कुमार और पूर्व विधायक के बीच तीखी बहस हो गई। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, बहस इतनी बढ़ी कि पुलिस को सख्ती दिखानी पड़ी। घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें माहौल की गंभीरता साफ नजर आ रही है।
पुलिस का कहना है कि भीड़ द्वारा नियमों की अनदेखी की गई और पुलिस अधिकारियों के साथ अभद्रता की गई। इसी आधार पर पूर्व विधायक, डीजे संचालक शुभम गुप्ता, दीपक, आशीष समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक आयोजनों की आड़ में कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद जिले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि कानून सभी के लिए समान है और सार्वजनिक शांति भंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।









