सोनभद्र। महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर सोनभद्र पुलिस ने मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत जिले भर में व्यापक जागरूकता अभियान चलाकर साफ संदेश दिया है कि अन्याय सहना नहीं, बल्कि उसके खिलाफ आवाज उठाना ही असली ताकत है। इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं को न सिर्फ कानून की जानकारी देना है, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से भी इतना सशक्त बनाना है कि वे हर परिस्थिति में अपने अधिकारों के लिए खड़ी हो सकें।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में जनपद के सभी थानों की मिशन शक्ति टीमों ने स्कूलों, कॉलेजों, बाजारों, चौराहों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर महिलाओं, छात्राओं और आम नागरिकों से सीधा संवाद किया। कार्यक्रमों के दौरान पुलिस अधिकारियों ने सहज और सरल भाषा में महिलाओं से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की और उन्हें भरोसा दिलाया कि हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा।
अभियान की अगुवाई कर रहीं क्षेत्राधिकारी यातायात डॉ. चारु द्विवेदी, जो मिशन शक्ति 5.0 की सहायक नोडल अधिकारी भी हैं, ने बताया कि आज के दौर में महिलाओं को केवल शारीरिक सुरक्षा ही नहीं, बल्कि डिजिटल सुरक्षा की भी उतनी ही जरूरत है। इसी क्रम में टीमों द्वारा गुड टच और बैड टच की पहचान, सार्वजनिक स्थानों पर सतर्क रहने के तरीके, सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल और साइबर ठगी से बचने के व्यावहारिक उपाय बताए गए।
पुलिस टीमों ने विशेष रूप से साइबर अपराधों को लेकर जागरूक किया और बताया कि अपराधी अक्सर डर, लालच या दबाव बनाकर कॉल करते हैं, फर्जी लिंक भेजते हैं या ओटीपी मांगते हैं। ऐसे किसी भी कॉल या मैसेज पर बिना सोचे-समझे प्रतिक्रिया न दें और किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। लोगों को यह भी बताया गया कि समय रहते की गई शिकायत बड़ी अनहोनी को रोक सकती है।
कार्यक्रमों के दौरान महिलाओं और छात्राओं को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता ली जा सके। इसमें आपात स्थिति के लिए 112, महिला सुरक्षा के लिए 1090 और 1091, महिला हेल्पलाइन 181, साइबर अपराध के लिए 1930 और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 शामिल हैं। पुलिस ने लोगों को इन नंबरों को अपने मोबाइल में सेव रखने के लिए भी प्रेरित किया।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि छेड़छाड़, उत्पीड़न, घरेलू हिंसा या साइबर ठगी जैसे मामलों में चुप रहना अपराधियों का हौसला बढ़ाता है। यदि कोई महिला या बच्ची शिकायत दर्ज कराती है, तो पुलिस की ओर से त्वरित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। हर पीड़िता की पहचान और सम्मान की रक्षा करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
अभियान के समापन पर सोनभद्र पुलिस ने यह संकल्प दोहराया कि मिशन शक्ति 5.0 के तहत ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम आगे भी लगातार चलते रहेंगे। उद्देश्य यही है कि जिले की हर महिला और बालिका खुद को सुरक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर महसूस करे और जरूरत पड़ने पर बिना किसी डर के कानून का सहारा ले सके।













