चंदौली | जिले के चिकित्सा जगत के लिए एक और गर्व का क्षण सामने आया है। मुगलसराय आलुमिल क्षेत्र निवासी, विख्यात होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. अभिमन्यु पाण्डेय को गोवा में आयोजित होम्योपैथिक रिसर्च समिट 4 में अंतरराष्ट्रीय सम्मान से नवाजा गया। यह भव्य कार्यक्रम शनिवार की रात संपन्न हुआ, जिसमें डॉ. पाण्डेय को सम्मानित करने का गौरव भारतीय क्रिकेट के महान खिलाड़ी सुनील गावस्कर, ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज तेज गेंदबाज ब्रेट ली, और सांसद राजेश वर्मा को प्राप्त हुआ।
एविडेंस-बेस्ड होम्योपैथी को मिला नया आयाम
इस शोध सम्मेलन में देशभर से 200 से अधिक होम्योपैथिक डॉक्टर और शोधकर्ता उपस्थित थे, जिन्होंने अपने-अपने एविडेंस-बेस्ड क्लिनिकल रिसर्च प्रस्तुत किए। इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य था — होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति में आधुनिक शोध कार्यों को प्रोत्साहन देना और उसे वैश्विक चिकित्सा समुदाय के समक्ष मजबूत आधार पर प्रस्तुत करना।
डॉ. अभिमन्यु पाण्डेय की रिसर्च और मरीजों के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें यह विशेष सम्मान प्रदान किया गया। समारोह में मौजूद चिकित्सकों और गणमान्यजनों ने भी उनके कार्यों की सराहना की।

कोरोना काल में निभाई थी मानवता की मिसाल
डॉ. अभिमन्यु पाण्डेय ने कोरोना महामारी के कठिन समय में हजारों मरीजों का निःशुल्क इलाज कर न सिर्फ मानवता का परिचय दिया, बल्कि जनमानस का विश्वास भी जीता। उस समय उनके द्वारा किए गए परामर्श और दवाओं से कई गंभीर मरीजों को राहत मिली, जिससे उनकी लोकप्रियता और सम्मान में व्यापक वृद्धि हुई।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हो चुकी है पहचान
डॉ. पाण्डेय इससे पूर्व भी भारत के मुख्यमंत्री, राज्य सरकारों, और विदेशी मंचों पर कई बार सम्मानित हो चुके हैं। चिकित्सा के क्षेत्र में उनके योगदान को न केवल चिकित्सा संस्थान, बल्कि सरकारें भी सराह चुकी हैं।
परिवार भी चिकित्सा सेवा में अग्रणी
डॉ. पाण्डेय का परिवार भी समाजसेवा और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। उनके पिता और पत्नी डॉ. रिद्धि पाण्डेय स्वयं भी प्रतिष्ठित डॉक्टर हैं और उन्हें भी समय-समय पर भारत सरकार व राज्य सरकार की ओर से पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। यह परिवार समर्पण, सेवा और शोध का प्रतीक बनकर उभरा है।
सम्मान का श्रेय माता-पिता और मरीजों को
इस महत्वपूर्ण सम्मान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए डॉ. अभिमन्यु पाण्डेय ने कहा,
“यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि मेरे माता-पिता, गुरुजनों, और उन सभी मरीजों का है, जिन्होंने मुझ पर विश्वास किया और मेरे द्वारा दी गई दवाओं से स्वस्थ हुए। मैं ईश्वर का आभार प्रकट करता हूं कि उसने मुझे सेवा का माध्यम बनाया।”
विशेष संवाददाता- गनपत राय













