चंदौली। लगातार हो रही बारिश के बीच भी श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। शुक्रवार की शाम चहनियां कस्बा सहित रमौली, टांडाकला, मारूफपुर, हरधन जूड़ा, बलुआ, पपौरा सहित आसपास के गांवों में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन गाजे-बाजे और डीजे की धुनों पर नाचते-गाते भक्तों द्वारा किया गया।
हालांकि भारी वर्षा के चलते कई झांकी और जुलूस स्थगित करने पड़े, लेकिन इसके बावजूद भक्तों में देवी मां के प्रति अटूट आस्था देखने को मिली। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल मुस्तैद रहा और पूरे क्षेत्र में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखा गया।
लगातार चार दिनों तक चले दुर्गा पूजा महोत्सव के समापन पर सुबह से हो रही तेज बारिश ने आयोजकों की तैयारियों को प्रभावित किया। कई पूजा समितियों की सजावट और झांकी की व्यवस्थाएं बारिश में भीग गईं। सृजन परिवार छात्र संगठन, चहनियां की झांकी भी पानी के कारण क्षतिग्रस्त हो गई। फिर भी श्रद्धालुओं ने प्लास्टिक से ढँककर प्रतिमाओं को पिकअप वाहनों में रखकर तालाबों और नहरों में विसर्जन किया।
प्रशासन द्वारा पूर्व निर्धारित विसर्जन स्थलों — तालाबों और नहरों — पर जलपुलिस व राजस्व विभाग की टीमें तैनात रहीं, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो सके। बारिश और कीचड़ के बीच भक्तों ने देवी दुर्गा की जयकारों के साथ प्रतिमाओं का विसर्जन किया और अगले वर्ष पुनः आने का आह्वान किया —
“जो बोले सो निहाल… जय माता दी!”
विसर्जन जुलूस में मुख्य रूप से उदय प्रताप सिंह ‘पप्पू’, सरिद्वार यादव, भानु प्रताप यादव, जयशंकर जायसवाल, शिवलाल जायसवाल, गोपाल गुप्ता, रामजी मोदनवाल, आनंद सिंह, संजय गुप्ता, डॉ. अजय सिंह, मनोज गुप्ता, मामू गुप्ता, रामविलास गुप्ता सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।









