वाराणसी। सोनभद्र पुलिस द्वारा ड्रग माफिया नेटवर्क पर की जा रही बड़ी कार्रवाई के बीच अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी सक्रिय हो गया है। मंगलवार को एजेंसी की टीम वाराणसी पहुंची और कफ सीरप तस्करी के मामले में आरोपी शुभम जायसवाल के परिजनों को नोटिस थमाया। टीम ने शहर के एक मकान पर औपचारिक रूप से नोटिस चस्पा कर आगे की जांच के लिए आवश्यक दस्तावेज़ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
यह कार्रवाई उस समय हुई है जब इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड भोला प्रसाद जायसवाल को पुलिस कोलकाता से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर सोनभद्र ले आई है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपी अपने परिवार के साथ थाइलैंड भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते उसकी योजना विफल हो गई।
पुलिस के अनुसार विशेष अभियान के तहत एसपी अभिषेक वर्मा की निगरानी में SIT, SOG और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने भोला प्रसाद को कोलकाता से पकड़कर न्यायालय में पेश किया और उसे सोनभद्र लाया गया। प्रारंभिक पूछताछ में उसने बताया कि पूरी तस्करी और फर्जी बिलिंग का संचालन उसका बेटा शुभम करता था, जो अब जांच एजेंसियों के रडार पर है। इसी क्रम में ED की टीम वाराणसी में उसके ठिकानों की जांच कर रही है।
गिरफ्तारी से पहले पिछले कुछ महीनों में पुलिस ने तीन अलग-अलग कार्रवाइयों में कफ सीरप की लाखों शीशियां बरामद की थीं—
- भारी खेपें सोनभद्र, रांची और गाज़ियाबाद में पकड़ी गईं, जिनकी कीमत करोड़ों में आंकी गई।
- जांच में यह भी सामने आया कि मेसर्स शैली ट्रेडर्स सहित कई फर्जी फर्मों के नाम पर लगभग 25 करोड़ रुपये के लेन-देन किए गए थे।
- NDPS एक्ट और IPC की गंभीर धाराओं में पहले से ही मुकदमा दर्ज है और कई बैंक खातों को फ्रीज किया जा चुका है।
जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस SIT अब भोला प्रसाद के चार्टर्ड अकाउंटेंट विष्णु अग्रवाल से भी पूछताछ की तैयारी कर रही है। माना जा रहा है कि फर्जी अकाउंटिंग और फंडिंग से जुड़े और भी नाम सामने आ सकते हैं।
इसके साथ ही कस्टडी रिमांड मिलने पर पुलिस नेटवर्क के बाकी सदस्यों, गोदामों और वित्तीय चैनलों से जुड़ी जानकारी निकालने पर फोकस करेगी। कई जिलों की पुलिस भी आरोपी से पूछताछ करने के लिए तैयार है, क्योंकि यह नेटवर्क उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में सक्रिय था।
ED की ताज़ा कार्रवाई से साफ है कि अब यह मामला केवल पुलिस तक सीमित नहीं रहा। वित्तीय अनियमितताओं और फर्जी बिलिंग के एंगल की गहराई से जांच होगी और आरोपी परिवार पर शिकंजा और कसने की पूरी संभावना है। पुलिस और ED की संयुक्त कार्रवाई ने इस ड्रग नेटवर्क को लगभग जड़ से हिला दिया है।













