चंदौली। पुलिस ने एक ऐसे शातिर युवक को गिरफ्तार किया है, जो खुद को देश की खुफिया एजेंसी RAW का एजेंट और अर्धसैनिक बल में असिस्टेंट कमांडेंट बताकर लोगों पर रौब जमाता था। आरोपी के पास से फर्जी पहचान पत्र, कूट रचित दस्तावेज और मोबाइल फोन बरामद किया गया है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। सदर कोतवाली प्रभारी विजय बहादुर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम संदिग्धों की जांच कर रही थी, तभी एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पूछताछ में उसकी पहचान रूपेश उपाध्याय निवासी हेतमपुर, थाना धानापुर के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके पास से कई संदिग्ध दस्तावेज, निमंत्रण पत्र और वीवो कंपनी का मोबाइल फोन मिला।
जांच में सामने आया कि आरोपी ChatGPT जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल की मदद से फर्जी सरकारी दस्तावेज तैयार करता था, जो देखने में बिल्कुल असली लगते थे। इन्हीं के आधार पर वह खुद को कभी RAW एजेंट तो कभी असिस्टेंट कमांडेंट बताकर लोगों को गुमराह करता और निजी फायदा उठाने की कोशिश करता था।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि किसी भी व्यक्ति की पहचान पर बिना सत्यापन भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।









