जशपुरनगर। एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल सख्ती दिखाते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के एक बाबू को निलंबित कर दिया है। एसीबी के जाल में फंसे सहायक ग्रेड–02 गिरीश कुमार वारे को 48 घंटे से अधिक समय तक पुलिस अभिरक्षा में रहने के चलते कलेक्टर रोहित व्यास ने सेवा से निलंबन का आदेश जारी किया।
जानकारी के अनुसार, उप पुलिस अधीक्षक, एंटी करप्शन ब्यूरो अंबिकापुर कार्यालय द्वारा गिरीश कुमार वारे को 8 जनवरी 2026 की शाम करीब 8:30 बजे गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद वह लगातार 48 घंटे से अधिक समय तक पुलिस हिरासत में रहे। इसी आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।
प्रशासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि निलंबन अवधि के दौरान संबंधित कर्मचारी को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। वहीं, एसीबी द्वारा दर्ज मामले की जांच अभी जारी है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद जिला कार्यालयों में हड़कंप की स्थिति है। इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे अन्य कर्मचारियों में भी सतर्कता बढ़ी है।









