वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में मंगलवार दोपहर हालात उस समय बेकाबू हो गए जब तीन पूर्व छात्रों ने एलएलएम के छात्र गौरव कुमार पटेल को खुलेआम पिस्टल दिखाकर धमकाया। आचार्य नरेंद्र देव हॉस्टल के बाहर हुई इस घटना से पूरे विश्वविद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। छात्र भयभीत हो गए और कुछ देर के लिए पूरे कैंपस में तनाव का माहौल बन गया।
पीड़ित गौरव कुमार पटेल ने बताया कि वह दोपहर लगभग ढाई बजे अपने साथियों के साथ हॉस्टल के बाहर बैठा था। तभी तीन युवक पहुंचे और अचानक उस पर हथियार तान दिया। गौरव के अनुसार, आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए पहले उसे डराया, फिर हवा में गोली चलाने की कोशिश की, लेकिन कारतूस फायर नहीं हुआ। इस दौरान उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि उन्हें शिवम तिवारी ने भेजा है।
गौरव ने जिन तीन युवकों के नाम पुलिस को दिए हैं, उनमें मोनू सिंह, आलोक उपाध्याय और अंकित दुबे शामिल हैं। तीनों काशी विद्यापीठ के पूर्व छात्र हैं और एलएलबी पूरा कर चुके हैं।
घटना की सूचना मिलते ही सिगरा थाना प्रभारी संजय मिश्रा अतिरिक्त फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस को देखते ही आरोपी भागकर हॉस्टल की तरफ घुस गए, जिससे छात्रों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इसके बाद प्रॉक्टोरियल बोर्ड और पुलिस टीमों ने परिसर में तलाशी अभियान चलाया।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि कैंपस में इस तरह की हरकतें बिल्कुल अस्वीकार्य हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।
इसी बीच छात्रों में यह सवाल उठ रहा है कि पूर्व छात्र हथियार लेकर परिसर में कैसे घुस गए। कई छात्र संगठनों ने बुधवार को विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है और प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
सिगरा पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।













