वाराणसी। गंगा नदी पर स्थित ऐतिहासिक राजघाट पुल (मालवीय पुल) पर मरम्मत कार्य के चलते 20 दिसंबर से लगभग एक महीने तक चार पहिया और भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस अवधि में पुल पर केवल दोपहिया वाहन (बाइक) और पैदल यात्रियों को ही आने-जाने की अनुमति दी जाएगी।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा पुल के एक्सपेंशन जॉइंट की मरम्मत कराई जानी है। प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता केके सिंह ने बताया कि मरम्मत कार्य के मद्देनजर ट्रैफिक विभाग से बड़े वाहनों के डायवर्जन को लेकर पत्राचार किया गया था। मरम्मत की अवधि फिलहाल एक माह निर्धारित की गई है, जबकि पहले इसके लिए दो से ढाई महीने का अनुमान था।
एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान त्रिपाठी ने पीडब्ल्यूडी अभियंताओं के साथ बैठक कर ट्रैफिक नियंत्रण और डायवर्जन की रूपरेखा तय की है। 18 दिसंबर को विस्तृत डायवर्जन प्लान जारी किया जाएगा। पुल बंद रहने के दौरान वाराणसी से रामनगर या दूसरी ओर जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना होगा। इसके लिए लंका के पास सामने घाट–रामनगर पुल और विश्वसुंदरी पुल को प्रमुख विकल्प के रूप में उपयोग किया जाएगा।
लंका–सामने घाट मार्ग पर पहले से ही यातायात का दबाव अधिक रहता है, ऐसे में जाम की आशंका को देखते हुए विशेष व्यवस्था की गई है। रामनगर और लंका के बीच केवल छोटे चार पहिया वाहन, दोपहिया वाहन, ऑटो और ई-रिक्शा चल सकेंगे। बड़े चार पहिया वाहन, टेम्पो ट्रैवलर, स्कूल बसें और मालवाहक वाहनों को विश्वसुंदरी पुल से अमरा–अखरी और मोहनसराय होते हुए शहर में प्रवेश करना होगा।
पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से डायवर्जन को प्रभावी बनाने के लिए साइनेज बोर्ड और बैरियर लगाए जाएंगे। ट्रैफिक पुलिस ने लंका, रामनगर और कोतवाली क्षेत्र के इंस्पेक्टरों के साथ समन्वय बैठक भी की है। अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत के बाद पुल की सुरक्षा और मजबूती बढ़ेगी, लेकिन कार्य अवधि में यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे असुविधा से बचने के लिए यात्रा से पहले वैकल्पिक मार्गों की योजना बना लें।









