चंदौली। उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से स्थिति चिंताजनक हो गई है। शनिवार को नदी का पानी चेतावनी बिंदु को पार कर गया, जिससे तटवर्ती इलाकों में बसे दर्जनों गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग और पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। शुक्रवार की सुबह जो जलस्तर चेतावनी बिंदु के करीब था, वह शनिवार तक उसे पार कर गया। जलस्तर में हो रही इस निरंतर बढ़ोतरी से सकलडीहा तहसील के हसनपुर, तिरगांवा समेत कई अन्य गांवों के निवासी सहमे हुए हैं। इन गांवों में गंगा कटान का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे ग्रामीणों की चिंता और भी गहरी हो गई है।

शनिवार को जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग और एसपी आदित्य लांग्हे ने नाव से इन संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान स्थापित की गई बाढ़ चौकियों का भी मुआयना किया और वहां मौजूद व्यवस्थाओं की समीक्षा की। डीएम ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूरी रखी जाएं। उन्होंने कहा, “संवेदनशील क्षेत्रों में निरंतर निगरानी रखी जाए। नाव, जीवन रक्षक जैकेट, और संचार के साधन हर समय तैयार रहने चाहिए।”
जिलाधिकारी ने सकलडीहा के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) कुंदन राज कपूर को विशेष रूप से निर्देशित किया कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए रखें और आवश्यकता पड़ने पर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर बने बाढ़ आश्रय स्थलों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू करें। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों के लिए भोजन, स्वच्छ पेयजल, शौचालय और चिकित्सा सुविधाओं का पुख्ता इंतजाम किया जाए। इसके अतिरिक्त, पशुओं के लिए चारे और दवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों की उपस्थिति और रिकॉर्ड रजिस्टरों की भी जांच की। डीएम ने जोर देकर कहा कि राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरे के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. वाई. के. राय और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी समेत अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे, ताकि किसी भी स्थिति में त्वरित और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन ने तटवर्ती क्षेत्र के निवासियों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचित करने की अपील की है।









