चंदौली। महुआरी खास ग्राम पंचायत के प्रधान सतेंद्र कुमार सिंह मिंटू को आखिरकार न्याय मिल गया। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने जिलाधिकारी चंदौली की कार्रवाई पर गंभीर आपत्ति जताते हुए जवाब तलब किया, जिसके बाद डीएम को अपना आदेश वापस लेना पड़ा। अब प्रधान के विरुद्ध जारी सभी वसूली और कुर्की की कार्यवाहियां भी समाप्त कर दी गई हैं।
मामला क्या था?
26 मार्च 2025 को जिलाधिकारी चंदौली ने आदेश पारित कर प्रधान सतेंद्र कुमार सिंह की प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियां छीन ली थीं। इसके बाद 11 अप्रैल 2025 को एसडीएम सकलडीहा ने उनके खिलाफ कुर्की का आदेश जारी कर दिया।
इन आदेशों को चुनौती देते हुए प्रधान सतेंद्र कुमार सिंह ने माननीय इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
अदालत की सख्ती
1 अगस्त 2025 को हुई सुनवाई में उच्च न्यायालय ने जिलाधिकारी की कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई। अदालत ने कहा कि इस तरह की कार्यवाही बिना ठोस आधार के नहीं की जा सकती।
कोर्ट ने डीएम से स्पष्टीकरण मांगा।
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता कार्तिकेय शरण को अगली तारीख पर पक्ष रखने का निर्देश दिया।
इसके बाद 12 अगस्त को हुई सुनवाई में अपर महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि जिलाधिकारी ने अपने आदेश को त्रुटिपूर्ण मानते हुए निरस्त कर दिया है और प्रधान के विरुद्ध शुरू की गई सारी कार्रवाई बंद कर दी गई है।
अधिवक्ता की दलील
ग्राम प्रधान की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता सौरभ प्रताप सिंह ने कोर्ट को बताया कि जिलाधिकारी की कार्रवाई पूरी तरह कानून विरुद्ध और अन्यायपूर्ण थी। इसी कारण माननीय न्यायालय ने प्रारम्भ से ही इसे गंभीरता से लिया।
ग्राम प्रधान की प्रतिक्रिया
न्यायालय से राहत मिलने के बाद प्रधान सतेंद्र कुमार सिंह ने कहा—
“जिलाधिकारी द्वारा मेरे खिलाफ की गई कार्रवाई अन्यायपूर्ण एवं नियम विरुद्ध थी। माननीय उच्च न्यायालय ने मुझे न्याय दिलाया है। अदालत ने यह साबित कर दिया कि गलत आदेश ज्यादा दिन तक टिक नहीं सकते। अंततः जीत सत्य की होती है। मैं न्यायालय का आभारी हूँ।”
विशेष संवाददाता- गनपत राय













