चंदौली। सकलडीहा कोतवाली क्षेत्र के तुलसी आश्रम के पास गुरुवार को बच्चा चोरी के शक में दो बंजारों की ग्रामीणों ने बेरहमी से पिटाई कर दी। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उक्त बंजारों का संदिग्ध व्यवहार बच्चों के पास देखकर संदेह उत्पन्न हुआ। स्थिति गंभीर होने पर पुलिस टीम को बुलाया गया, जिसने काफी मशक्कत के बाद दोनों को बचाकर हिरासत में लिया।
पुलिस की जांच और हिरासत
कोतवाली प्रभारी दिलीप श्रीवास्तवन ने बताया कि हिरासत में लिए गए दोनों बंजारों के बारे में प्रारंभिक पूछताछ की गई। ये मूल रूप से हरदोई जिले के रहने वाले हैं और उनके परिवार ने गाजीपुर के दिलदारनगर के पास डेरा बना रखा है। दोनों व्यक्ति भीख मांगने और बच्चों की झाड़-फूंक का काम करते हैं। पूछताछ में बच्चा चोरी की कोई पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने जीआरपी दिलदारनगर से भी इनकी जानकारी तस्दीक कर ली है।
पूर्व विधायक का संज्ञान और सवाल
इस घटना के दौरान मौके पर पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू भी उपस्थित रहे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से घटना की जानकारी ली और इसके साथ ही कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों द्वारा कानून अपने हाथ में लेना किसी भी हालत में उचित नहीं है और प्रशासन को ऐसी घटनाओं पर कड़ी निगरानी रखनी चाहिए।
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन से मांग की कि ऐसे संदिग्धों की सही जानकारी और पहचान सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी तरह के अपराध से बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। वहीं पुलिस ने लोगों से अपील की कि संदेह होने पर सीधे पुलिस को सूचित करें, ताकि कानून व्यवस्था का उल्लंघन न हो।
घटना का प्रभाव
इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता के मुद्दों को फिर से उठाया है। स्थानीय लोग और राजनीतिक हस्तियाँ दोनों ही इस बात पर जोर दे रहे हैं कि बच्चों की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन कानून के दायरे में रहकर ही कार्रवाई की जानी चाहिए।
पुलिस ने बताया कि हिरासत में लिए गए बंजारों से आवश्यक पूछताछ जारी है और मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।













