मेरठ। उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए हापुड़ क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह को 4 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी मेरठ के रोहटा रोड इलाके में की गई, जहां इंस्पेक्टर का निजी आवास बताया जा रहा है।
मामला बागपत जिले के वर्ष 2021 के चर्चित रिछपाल हत्याकांड से जुड़ा हुआ है। खेकड़ा थाना क्षेत्र के गोटखा गांव निवासी रिछपाल की हत्या के बाद परिजनों ने लोकेश बैसला समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जांच के दौरान यह केस बाद में हापुड़ क्राइम ब्रांच को सौंपा गया, जिसकी विवेचना इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह कर रहे थे।
शिकायतकर्ता लोकेश बैसला का आरोप है कि इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह केस से दो आरोपियों मनोज और अजय पाल का नाम हटाने के एवज में लगातार रिश्वत की मांग कर रहे थे। मानसिक दबाव और परेशानियों से तंग आकर लोकेश ने मेरठ विजिलेंस टीम से शिकायत की।
शिकायत की जांच के बाद विजिलेंस टीम ने पूरी योजना बनाकर जाल बिछाया। बुधवार को रोहटा रोड क्षेत्र में जैसे ही इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, टीम ने मौके पर ही उसे गिरफ्तार कर लिया। रिश्वत की पूरी रकम भी बरामद कर ली गई है।
मेरठ के एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि आरोपी इंस्पेक्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। फिलहाल आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और पूरे मामले की गहन जांच की जाएगी। साथ ही पुलिस विभाग की ओर से भी आंतरिक जांच शुरू किए जाने की बात कही गई है।
बताया जा रहा है कि इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह पहले गाजियाबाद के इंद्रापुरम और कौशांबी थानों समेत हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर, सिंभावली और हापुड़ देहात थानों में प्रभारी रह चुके हैं। इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।













