चंदौली। जनपद में हो रही लगातार बारिश ने तबाही मचा दी है। चंद्रप्रभा, कर्मनाशा और गड़ई नदियाँ उफान पर हैं, जिससे बबुरी क्षेत्र के ददरा, नगई, नकनानपुर, भुरकुंडा, बहोरा, पटनवा, गोडी, जरखोर, जगदीशपुर, भवतपुरा सहित डेढ़ दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। कई जगह घरों में पानी भरने से लोग बेघर हो गए हैं और ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्राम ददरा की स्थिति सबसे अधिक गंभीर है। यहां पूरा गांव चारों तरफ से पानी से घिर गया है। ग्रामीणों के घरों और खलिहानों में बाढ़ का पानी भर गया है। लोग ऊँचे स्थानों और स्कूलों में शरण लेने को मजबूर हैं। कई परिवारों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
लगातार वर्षा के कारण चंद्रप्रभा और मूसाखाड़ बांध ओवरफ्लो हो गए हैं। इससे दोनों नदियों में तेज धार के साथ पानी छोड़ा गया है, जिसने कई तटीय गांवों में खतरे की स्थिति पैदा कर दी है।
बबुरी पुल पर भी नदी का पानी ऊपर से बहने लगा है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर चकिया–पीडीडीयू नगर मार्ग पर रूट डायवर्जन लागू कर दिया है। पुलिस के अनुसार, 3 अक्टूबर से भारी और चारपहिया वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है।
रूट डायवर्जन प्लान के अनुसार
- गोधना चौराहा से कोई भी भारी या मालवाहक वाहन बबुरी होकर चकिया की ओर नहीं जाएगा।
- चकिया से आने वाले सभी वाहन अब गौडिहार चौराहा – जिवनाथपुर – पटनवा – टेंगरा मोड़ होते हुए वाराणसी और मुगलसराय की ओर भेजे जा रहे हैं।
- यह व्यवस्था तब तक प्रभावी रहेगी जब तक बाढ़ का पानी कम नहीं हो जाता।
प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड पर हैं। लगातार जलस्तर की निगरानी की जा रही है, और बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य शुरू कर दिया गया है। वहीं ग्रामीणों ने मांग की है कि शीघ्र राहत सामग्री और नावों की व्यवस्था की जाए ताकि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।









