नई दिल्ली। फ्यूल रिटेल सेक्टर में भारत ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। देशभर में संचालित पेट्रोल पंपों की संख्या अब एक लाख से अधिक हो गई है, जिसके साथ ही भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जिनका फ्यूल रिटेल नेटवर्क सबसे व्यापक माना जाता है। इस उपलब्धि के साथ भारत ने वैश्विक स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त कर लिया है।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक पेट्रोल पंपों की संख्या के मामले में अमेरिका पहले स्थान पर बना हुआ है, जहां करीब 1,96,643 पेट्रोल पंप संचालित हैं। वहीं चीन दूसरे स्थान पर है, जहां यह संख्या लगभग 1,15,228 तक पहुंच चुकी है। भारत ने अब इन देशों के बाद तीसरे स्थान पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में पेट्रोल पंपों की बढ़ती संख्या के पीछे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, निजी और व्यावसायिक वाहनों में इजाफा तथा ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक ईंधन सुविधाओं का विस्तार प्रमुख कारण हैं। इसके साथ ही केंद्र सरकार द्वारा फ्यूल रिटेल सेक्टर में किए गए नीतिगत सुधार और निजी निवेश को बढ़ावा देने की पहल ने भी इस विस्तार में अहम भूमिका निभाई है।
फ्यूल नेटवर्क के इस विस्तार से न केवल देश की ईंधन आपूर्ति प्रणाली को मजबूती मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही, ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में बेहतर कनेक्टिविटी और परिवहन सुविधाओं के विकास को भी इससे गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।









