चंदौली। पूर्व मध्य रेलवे के पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल (डीडीयू मंडल) ने भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। गुरुवार को गंजख्वाजा स्टेशन से एक ऐसी मालगाड़ी को रवाना किया गया, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया। यह कोई साधारण मालगाड़ी नहीं, बल्कि 6 मालगाड़ियों को जोड़कर बनी एक सुपर ट्रेन थी — जिसका नाम रखा गया है ‘रुद्रास्त्र’।
कितनी लंबी है रुद्रास्त्र?
इस अद्भुत मालगाड़ी की लंबाई है लगभग 4.5 किलोमीटर। इसमें 354 वैगन और 7 इंजन लगे हैं। इसे 6 खाली मालगाड़ी रैकों को जोड़कर तैयार किया गया है, जो अब तक का सबसे लंबा संयोजन माना जा रहा है।
रूट और संचालन
- स्टार्टिंग स्टेशन: गंजख्वाजा (डीडीयू मंडल)
- गंतव्य: गढ़वा रोड
- रूट:
- गंजख्वाजा से सोननगर तक — Dedicated Freight Corridor (DFC)
- सोननगर से गढ़वा रोड — भारतीय रेल का सामान्य ट्रैक
क्यों है यह महत्वपूर्ण?
1.भारतीय रेल की सबसे लंबी मालगाड़ी:
‘रुद्रास्त्र’ ने भारतीय रेलवे में एक नई शुरुआत की है, जिससे माल ढुलाई की गति और क्षमता दोनों में बढ़ोतरी होगी।
2. समय और संसाधनों की बचत:
अगर इन 6 मालगाड़ियों को अलग-अलग चलाया जाता, तो इसके लिए 6 मार्ग, 6 चालक दल और अधिक संसाधनों की आवश्यकता होती। एक साथ चलाने से समय, ईंधन और मानव संसाधन की बचत हुई है।
3. रेलवे प्रबंधन की मिसाल:
यह सफल संचालन डीडीयू मंडल की टीमवर्क, बेहतर योजना और विभागीय तालमेल का उदाहरण है। इससे यह साबित होता है कि भारतीय रेलवे वैश्विक मानकों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है।
4. कैसे तैयार होती है ऐसी मालगाड़ी?
डीडीयू मंडल में मालगाड़ियों के डिब्बों की जांच और मरम्मत बड़े पैमाने पर होती है। सभी वैगन पूरी तरह ठीक होने के बाद उन्हें जोड़कर एक बड़ी मालगाड़ी तैयार की जाती है। यह प्रक्रिया अत्यधिक तकनीकी और समन्वय वाली होती है।
क्या होगा इसका लाभ?
- कोयला और भारी माल की तेजी से ढुलाई
- धनबाद मंडल जैसे प्रमुख लोडिंग स्टेशनों तक समय पर पहुंच
- कम समय में अधिक माल की सप्लाई
- रेलवे राजस्व में बढ़ोतरी और लॉजिस्टिक्स में क्रांति
विशेष संवाददाता- गनपत राय













