लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए राज्य के मेधावी छात्रों को यूनाइटेड किंगडम (यूके) में उच्च शिक्षा दिलाने के लिए “भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी-चिवनिंग छात्रवृत्ति योजना” को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह प्रस्ताव पारित किया गया।
इस योजना के अंतर्गत हर साल 5 मेधावी छात्र-छात्राओं को यूके के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में एक वर्ष की मास्टर्स डिग्री के लिए छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।
योजना की मुख्य विशेषताएं:
- नाम: भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी-चिवनिंग उत्तर प्रदेश राज्य सरकार छात्रवृत्ति योजना
- शुरुआत: शैक्षणिक सत्र 2025-26 से
- अवधि: तीन वर्ष (2025-2028)
- लाभार्थी: प्रतिवर्ष 5 छात्र
- कुल खर्च प्रति छात्र: £38,000–£42,000
- यूपी सरकार का अंशदान: £19,800 (लगभग ₹23 लाख)
- सहयोगी संस्था: फॉरेन कॉमनवेल्थ एंड डेवलपमेंट ऑफिस (एफसीडीओ), यूके
यह योजना 2025-26 से 2027-28 तक लागू रहेगी और 2028-29 के लिए पुनः अनुमोदन के पश्चात जारी की जा सकेगी।
छात्रों को क्या लाभ मिलेगा?
छात्रवृत्ति के अंतर्गत छात्रों को निम्नलिखित सुविधाएं मिलेंगी:
- शैक्षणिक शिक्षण शुल्क
- परीक्षा और शोध शुल्क
- मासिक भत्ता
- इकोनॉमी क्लास में आने-जाने का एकमुश्त विमान किराया
चयन प्रक्रिया राज्य सरकार और एफसीडीओ के बीच हुए समझौते के अनुसार पारदर्शी और निष्पक्ष होगी।
शिक्षा में अंतरराष्ट्रीय अवसर
योजना का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के छात्रों को वैश्विक शिक्षा से जोड़ना और उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में भाग लेने का अवसर देना है। यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के युवा सशक्तिकरण और शिक्षा सुधार की प्रतिबद्धता का हिस्सा है।
कैबिनेट के अन्य अहम फैसले:
औद्योगिक विकास को बढ़ावा:
राज्य सरकार ने दो नई नीतियों को मंजूरी दी है, जिनका उद्देश्य औद्योगिक ढांचे को मजबूती और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
1. यूपी एमएसएमई औद्योगिक आस्थान प्रबंधन नीति:
- औद्योगिक भूखंडों का आवंटन अब लीज या रेंट के आधार पर ई-ऑक्शन से होगा।
- दरें क्षेत्रवार तय:
- पश्चिमांचल: ₹3000/वर्गमीटर
- मध्यांचल: ₹2500/वर्गमीटर
- पूर्वांचल/बुंदेलखंड: ₹2000/वर्गमीटर
- हर साल 5% मूल्य वृद्धि लागू होगी।
2. उत्तर प्रदेश फुटवियर, लेदर और नॉन-लेदर क्षेत्र विकास नीति-2025:
- निर्यात को बढ़ावा, तकनीकी उन्नयन, और रोजगार सृजन के लिए विशेष प्रोत्साहन।
- कुशल श्रमिकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
- नीति के जरिए घरेलू और विदेशी निवेश आकर्षित करने की योजना है।
ग्रामीण दस्तावेजों को अपडेट करने की सरल प्रक्रिया:
राज्य सरकार ने “उत्तर प्रदेश ग्रामीण आबादी अभिलेख विधेयक-2025” को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में घरौनी दस्तावेजों में नामांतरण, संशोधन और अपडेट की प्रक्रिया को सरल बनाना है।
अब वरासत, विक्रय, उपहार, वसीयत, अदालत के आदेश या पारिवारिक समझौते के आधार पर नाम अपडेट कराना संभव होगा। साथ ही लिपिकीय त्रुटियों और मोबाइल नंबर/पते में सुधार के लिए भी आवेदन किया जा सकेगा।
अब तक प्रदेश में 1.06 करोड़ से अधिक घरौनियां तैयार हो चुकी हैं, जिनमें से 1.01 करोड़ का वितरण हो चुका है।
दो नए निजी विश्वविद्यालयों को मिली मंजूरी:
1. के.डी. विश्वविद्यालय, मथुरा:
स्थान: ग्राम अकबरपुर, तहसील छातासंस्था: राजीव मेमोरियल एकेडेमिक वेलफेयर सोसाइटीभूमि: 50.54 एकड़
2. बोधिसत्व विश्वविद्यालय, बाराबंकी:
- स्थान: ग्राम गदिया, तहसील नवाबगंज
- संस्था: बोधिसत्व चैरिटेबल ट्रस्ट
- भूमि: 25.31 एकड़
दोनों विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 के तहत स्थापित होंगे। इन्हें पहले ही आशय-पत्र जारी किया जा चुका है।













