वाराणसी। लालपुर पुलिस ने नकली सोने के गहने और पुराने सिक्कों के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के चार सदस्यों को दबोच लिया है। यह वही गैंग है जिसने सारनाथ के पंचक्रोशी निवासी संदीप प्रजापति को “सस्ते में असली सोना बेचने” का झांसा देकर 1 लाख 52 हजार रुपये हड़प लिए थे।
घटना कुछ दिन पहले की है, जब गिरोह के एक सदस्य ने संदीप को बताया कि उसके पास पुराने विक्टोरिया सिक्के और सोने के जेवर हैं जिन्हें मजबूरी में कम दाम पर बेचना चाहता है। संदीप पास के सोनार के पास पहुंचे तो सोनार भी केमिकल की झिलमिलाहट देखकर माल को असली समझ बैठा। भरोसा होने पर संदीप तय रकम लेकर पहाड़िया पहुंचे, लेकिन रुपये देने के बाद आरोपी “सामान लाने” के बहाने मौके से चंपत हो गए। बाद में पता चला कि सोना और सिक्के पूरी तरह नकली थे।
शिकायत मिलते ही लालपुर पुलिस ने तेजी दिखाई और कुछ ही घंटों में चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से 1,50,300 रुपये नकद और एक नकली सोने की चेन बरामद हुई। गिरफ्तार ठगों की पहचान शंकर (चित्रकूट के श्रीरामपुर), सुनील कुमार रायभट्ट और गणेश कुमार (बसरेहर, इटावा) तथा शिवा राजभर (बदालीखेड़ा, लखनऊ) के रूप में हुई है।
थानाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह के मुताबिक, गैंग नकली गहनों पर एक विशेष केमिकल लगाता है, जिससे थोड़े समय के लिए वह बिल्कुल असली की तरह दमकता है और सोनार की एसिड टेस्ट में भी पास हो जाता है। इनके खिलाफ इटावा, कन्नौज, मैनपुरी और वाराणसी में पहले से कई ठगी के केस दर्ज हैं। गिरोह पर पहले भी गैंगस्टर एक्ट लगाया जा चुका है।
पुलिस की इस कार्रवाई से पीड़ित संदीप को उसकी रकम का बड़ा हिस्सा वापस मिल गया। चारों को गुरुवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। लालपुर पुलिस टीम में एसआई प्रवीण सचान, धर्मेंद्र वर्मा और करुणाशील की महत्वपूर्ण भूमिका रही।









