जौनपुर। जीआरपी सिपाही हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे पूर्व सांसद उमाकांत यादव की शुक्रवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर जेल प्रशासन ने उन्हें तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद वाराणसी स्थित बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया।
मिली जानकारी के अनुसार, उमाकांत यादव को सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई थी। जांच के दौरान उनका ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर भी काफी बढ़ा हुआ पाया गया। डॉक्टरों ने स्थिति को गंभीर मानते हुए उन्हें उच्च स्तरीय इलाज के लिए वाराणसी भेजना जरूरी समझा। फिलहाल ट्रॉमा सेंटर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।
गौरतलब है कि वर्ष 1995 में शाहगंज जंक्शन पर जीआरपी सिपाही की हत्या के मामले में वर्ष 2022 में जौनपुर की अदालत ने उमाकांत यादव को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इस मामले में उनके साथ अन्य सहयोगियों को भी सजा दी गई थी। हालांकि बाद में कुछ मामलों में उन्हें इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली, लेकिन अन्य मामलों के चलते वे अब भी जौनपुर जिला जेल में निरुद्ध हैं।
जेल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। वहीं, उनकी तबीयत को लेकर परिजनों और समर्थकों में चिंता का माहौल बना हुआ है।









