चंदौली। अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा निकाली गई ज्योति कलश यात्रा बुधवार को जैसे ही बबुरी कस्बे में पहुंची, वहां आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रद्धालु उत्साह और उमंग से यात्रा का स्वागत करने के लिए जगह-जगह खड़े दिखे। कस्बे के लोगों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का अभिनंदन किया और गगनभेदी नारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
यात्रा का शुभारंभ और हवन-पूजन
यात्रा की शुरुआत कस्बे के पोखरे स्थित प्राचीन गायत्री चेतना मंदिर से हुई। वैदिक मंत्रोच्चार और यज्ञीय वातावरण के बीच हवन-पूजन संपन्न किया गया। कलशों को मंत्रोच्चारित कर शोभायात्रा के स्वरूप में सजाया गया और फिर यह यात्रा पूरे कस्बे में निकाली गई।
भक्ति और उमंग का माहौल
यात्रा जैसे ही गलियों से गुज़री, श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। महिलाएँ मंगलगीत गाती हुई यात्रा के साथ चल रही थीं, वहीं युवा जयकारे लगाकर माहौल को जीवंत बना रहे थे। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर अपनी आस्था व्यक्त की और गायत्री परिवार के मार्गदर्शक संदेशों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
यात्रा का उद्देश्य
यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का कहना था कि यह कलश यात्रा समाज में सद्भाव, नैतिकता और सकारात्मकता का संदेश देने के लिए निकाली गई है। उन्होंने इसे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जागरूकता का माध्यम बताया।
प्रमुख उपस्थित लोग
इस अवसर पर सुभाष जायसवाल, राणा सिंह, नितिन जायसवाल, राजनाथ प्रजापति, प्रदीप जायसवाल, भैरव यादव, श्री नन्द पाठक सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
विशेष संवाददाता- गनपत राय













