वाराणसी। पिंडरा विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित काशी द्वार योजना को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच विधायक डॉ. अवधेश सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना पूरी तरह आपसी सहमति से भूमि खरीद के आधार पर आगे बढ़ेगी और किसी भी किसान की जमीन जबरदस्ती नहीं ली जाएगी। विधायक ने दावा किया कि कुछ राजनीतिक दल जानबूझकर भ्रम फैलाकर किसानों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सरकार का उद्देश्य केवल क्षेत्र के समग्र विकास को गति देना है।
विधायक ने बताया कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिंडरा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों को नई रफ्तार मिली है। काशी द्वार योजना भी इसी कड़ी का अहम प्रोजेक्ट है, जिससे वाराणसी की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाई मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए किसानों को उकसा रहे हैं और भूमि अधिग्रहण को लेकर झूठे दावे कर रहे हैं। विधायक ने स्पष्ट किया कि किसी भी किसान पर दबाव डालने या उसकी जमीन जबरन लेने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि भूमि केवल पारदर्शी प्रक्रिया और आपसी सहमति से ही ली जाएगी, ताकि किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित रह सकें।
हाल की घटनाओं का जिक्र करते हुए विधायक ने बिना नाम लिए आरोप लगाया कि एक जनप्रतिनिधि द्वारा किसानों, खासकर महिलाओं को धारदार हथियारों के साथ विरोध के लिए उकसाना निंदनीय और असंवैधानिक है। उन्होंने कहा कि पिंडरा के किसान शांतिप्रिय हैं और संवाद के माध्यम से ही अपनी बात रखते आए हैं। बाहरी तत्वों द्वारा विकास कार्यों में बाधा डालने की कोशिश की जा रही है, लेकिन क्षेत्र की जनता ऐसे प्रयासों को सफल नहीं होने देगी।
किसानों को भरोसा दिलाते हुए डॉ. अवधेश सिंह ने कहा कि “आपकी भूमि आपकी अनुमति के बिना कोई नहीं ले सकता।” उन्होंने किसानों से अपील की कि यदि कहीं किसी प्रकार का दबाव, धमकी या जबरदस्ती की शिकायत मिले तो वे सीधे उनसे संपर्क करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनके कार्यकाल में किसी भी प्रकार का अमानवीय या जबरन भूमि अधिग्रहण नहीं होने दिया जाएगा और सभी परियोजनाएं किसान हितों को ध्यान में रखते हुए पारदर्शी तरीके से लागू होंगी।
विधायक ने यह भी बताया कि पिछले नौ वर्षों में पिंडरा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था, सड़क, बिजली, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। नई परियोजनाओं के आने से क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। काशी द्वार योजना को इसी विकास यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे वाराणसी की सांस्कृतिक पहचान को नया आयाम मिलेगा और क्षेत्र में पर्यटन तथा निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
विधायक के बयान के बाद काशी द्वार योजना को लेकर फैली आशंकाओं पर काफी हद तक विराम लगने की बात कही जा रही है। स्थानीय किसानों और निवासियों में भी परियोजना को लेकर सकारात्मक माहौल बनता दिखाई दे रहा है, जबकि प्रशासनिक स्तर पर भी योजना को जल्द धरातल पर उतारने की तैयारियां तेज होने की चर्चा है।













