चंदौली। जिला न्यायालय में कार्यरत वरिष्ठ अधिवक्ता कमला यादव की हत्या के बाद वकीलों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को अदालत खुलते ही अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर शोक सभा की और अपने साथी अधिवक्ता की नृशंस हत्या की कड़ी निंदा की। इसके बाद वकीलों के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में उन्होंने तीन मुख्य मांगें रखीं—
- मृतक अधिवक्ता के पुत्र को सरकारी नौकरी दी जाए।
- परिवार को 20 लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया जाए।
- हत्या के आरोपी रिटायर्ड दरोगा दंगल यादव को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
क्या है पूरा मामला
गुरुवार की शाम सदर कोतवाली क्षेत्र के सिरसी गांव में अधिवक्ता कमला यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि उनके ही बड़े भाई दंगल यादव, जो एक रिटायर्ड दरोगा हैं, ने लाइसेंसी हथियार से ताबड़तोड़ फायरिंग की। घटना के वक्त कमला यादव कचहरी से अपने घर लौटे थे।
गोली लगने से वे गंभीर रूप से घायल हुए और अस्पताल पहुँचने से पहले ही उनकी मौत हो गई।
विवाद की जड़
परिजनों और सहकर्मियों के मुताबिक दोनों भाइयों के बीच लंबे समय से जमीन और पुराने लोन को लेकर विवाद चल रहा था। गुरुवार को दिन में कचहरी परिसर में भी दोनों के बीच मारपीट हुई थी। इसी विवाद ने शाम होते-होते हिंसक रूप ले लिया और कमला यादव की हत्या कर दी गई।
जिलेभर में शोक और आक्रोश
घटना के बाद पूरे न्यायालय परिसर और अधिवक्ता समुदाय में शोक और गुस्से की लहर है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में वकील पोस्टमार्टम हाउस पहुँचे और आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। शनिवार को न्यायालय में कामकाज भी प्रभावित रहा। वकीलों ने स्पष्ट कहा कि जब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होंगे।
परिजनों की हालत
मृतक अधिवक्ता के घर का माहौल गमगीन है। परिवारजन और रिश्तेदार लगातार न्याय की गुहार लगा रहे हैं। आर्थिक संकट को देखते हुए परिजनों ने भी सरकार से मुआवजा और नौकरी की मांग की है।
पुलिस की कार्रवाई
एसपी आदित्य लांघे ने बताया कि पुलिस की कई टीमें आरोपित दंगल यादव की तलाश में दबिश दे रही हैं। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।













