चंदौली। अघोराचार्य बाबा कीनाराम जन्मस्थली तपोस्थली धाम स्थित रामगढ़ में चल रही रामलीला के बारहवें दिन शुक्रवार की रात भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन और भरत मिलाप का दृश्य मंचित किया गया। यह भावुक प्रसंग होते ही पूरा परिसर “जय श्रीराम” और “हर हर महादेव” के उद्घोषों से गूंज उठा।
लंकाधिपति रावण का वध कर जब प्रभु श्रीराम पुष्पक विमान से माता सीता और अनुज लक्ष्मण के साथ अयोध्या पहुँचे तो भरत जी उनके चरणों में गिर पड़े। श्रीराम ने उन्हें उठाकर गले लगाया, दोनों की आंखों से आंसू बह निकले। चारों भाइयों—राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न—के मिलन से उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पुष्प वर्षा करने लगे।
गुरु वशिष्ठ और अन्य मुनियों का चरण स्पर्श कर श्रीराम ने आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा—“जिस पर गुरु कृपा हो, उसका कल्याण निश्चित है।” इसी बीच, भोजपुरी कलाकारों द्वारा रामचरितमानस, श्रीकृष्ण भजन और बाबा कीनाराम भक्ति गीतों की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मुख्य अतिथि सपा सांसद विरेंद्र सिंह एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष क्षत्रबली सिंह ने चारों भाइयों की आरती कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि रामलीला हमें प्रेम, त्याग और भाईचारे की शिक्षा देती है। भरत जैसे भाई से सीखना चाहिए जिन्होंने चौदह वर्षों तक भगवान श्रीराम की चरण पादुका को सिंहासन पर विराजमान कर सेवा की।
कार्यक्रम के अंत में लोकनाथ महाविद्यालय के संस्थापक प्रबंधक धनंजय सिंह ने मुख्य अतिथियों व सांस्कृतिक कलाकारों को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर संत कुमार त्रिपाठी, व्यास शोभनाथ पांडेय, राजीव सिंह मुन्ना, रमाकांत यादव, अमृत प्रकाश सिंह, नंदू गुप्ता, अशोक मोर्या, रितेश पांडेय सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।













