चंदौली/लखनऊ। चौक स्थित लखनऊ क्रिकेट अकादमी ग्राउंड पर रविवार को खेले गए सद्भावना क्रिकेट अकादमी क्रिकेट टूर्नामेंट के रोमांचक फाइनल मुकाबले में लखनऊ क्रिकेट अकादमी ने पूर्वांचल स्पोर्ट्स चंदौली को 42 रनों से मात देकर विजेता ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया। पूरे मैच के दौरान खिलाड़ियों का जज़्बा और मैदान पर दर्शकों का उत्साह देखने लायक था।
पहले बल्लेबाजी कर 183 रन बनाए
टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला पूर्वांचल स्पोर्ट्स चंदौली के कप्तान ने किया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी लखनऊ क्रिकेट अकादमी ने 35 ओवर में 183 रन बनाए। टीम की ओर से इब्राहिम रज़ा (38 रन), कप्तान बृजेश (33 रन) और अनवर हुसैन (27 रन) ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
पूर्वांचल स्पोर्ट्स की ओर से कप्तान रविंद्र जाधव ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट चटकाए और अपने दो ओवर मेडन रखकर लखनऊ की बल्लेबाजी पर अंकुश लगाया। वहीं अर्चित, अंकित और दीपक ने 1-1 विकेट लिया।
141 पर ढेर हुई पूर्वांचल स्पोर्ट्स
लक्ष्य का पीछा करने उतरी पूर्वांचल स्पोर्ट्स की शुरुआत अच्छी रही। तीसरे विकेट तक टीम का स्कोर 100 रन के पार पहुंच गया और लग रहा था कि मुकाबला चंदौली की झोली में जा सकता है। लेकिन मध्यक्रम में अचानक गिरते विकेटों ने टीम को बैकफुट पर ला दिया।
आखिरकार 28वें ओवर तक पूरी टीम 141 रन पर ढेर हो गई और लखनऊ क्रिकेट अकादमी ने 42 रनों से खिताब जीत लिया।
बृजेश बने हीरो, रविंद्र जाधव ने जीता दिल
लखनऊ क्रिकेट अकादमी के कप्तान बृजेश ने गेंदबाजी में कहर बरपाते हुए 6 विकेट झटके और अपनी टीम को जीत दिलाई। उनके हर विकेट पर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच घोषित किया गया।
वहीं, पूर्वांचल स्पोर्ट्स के कप्तान रविंद्र जाधव को उनकी शानदार ऑलराउंड गेंदबाजी और संघर्षपूर्ण कप्तानी के लिए फाइटर ऑफ द मैच का सम्मान दिया गया। बल्लेबाजी में अंकित (31 रन) और अर्चित सर्राफ़ (25 रन) ने टीम को मज़बूती देने की कोशिश की, लेकिन जीत तक नहीं पहुंचा सके।
क्रिकेट जगत की हस्तियां रहीं मौजूद
फाइनल मुकाबले का रोमांच बढ़ाने के लिए मैदान पर मुख्य अतिथि विकलांग भारतीय क्रिकेटर संतोष गुप्ता, विशेष अतिथि रणजी खिलाड़ी अरशी रज़ा और विक्रम नाग भी उपस्थित रहे। उन्होंने खिलाड़ियों के खेल की सराहना की और दोनों टीमों को आगे भी बेहतर प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं दीं।
आयोजन की कमान बीसीसीआई लेवल-2 कोच शानू काज़मी क़मर ने संभाली। मैच में खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने के लिए पूर्वांचल स्पोर्ट्स के कोच शौज़ब हुसैन, सम्राट, मौर्य और इनामुद्दीन भी मौजूद रहे।
हार के बावजूद जीता दिल
भले ही खिताब पूर्वांचल स्पोर्ट्स चंदौली के हाथ से निकल गया, लेकिन टीम के संघर्ष और जुझारूपन ने दर्शकों का दिल जीत लिया। खासकर कप्तान रविंद्र जाधव की कप्तानी और पूरे टीम का उत्साह यह साबित करता है कि पूर्वांचल स्पोर्ट्स आने वाले टूर्नामेंट्स में और भी दमदार वापसी करेगी।
मीडिया प्रभारी विभाष श्रीवास्तव ने जानकारी साझा करते हुए कहा कि इस तरह के टूर्नामेंट से न केवल खिलाड़ियों को मंच मिलता है बल्कि छोटे जिलों से प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का मार्ग भी प्रशस्त होता है।













