सहकारी समिति के धान खरीदी कार्य में लगातार बाधा उत्पन्न कर रहे हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। अति आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (ESMA) के तहत सख्त कार्रवाई करते हुए आज जिले में प्रभारी प्रबंधक सहित कुल 13 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं 3 अन्य कर्मचारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जिला खाद्य अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार, धान खरीदी जैसे महत्वपूर्ण कार्य से इंकार करने पर जिन कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है, उनमें शामिल हैं—
सिमगा समिति की प्रभारी प्रबंधक मंजुला शर्मा, खोखली समिति के प्रबंधक राकेश कुमार टंडन, धुर्रा बांधा समिति के प्रबंधक मूलचंद वर्मा, रोहांसी समिति के प्रबंधक धर्मेंद्र साहू, और तिल्दा समिति के प्रबंधक रामकुमार साहू।
इसके अलावा कसडोल विकासखंड में भी कड़ी कार्रवाई की गई है। समिति गिरौद के विक्रेता नन्द कुमार पटेल, हसुआ के गोकुल प्रसाद साहू, थरगांव के ललित साहू, कटगी के रामस्वरूप यादव, चिखली के खेलसिंग कैवर्त्य, कोसमसरा के अमित साहू, सरखोर के भीम साहू और लवन के रविकमल को भी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
इधर, विकासखंड पलारी में भी कार्रवाई तेज हो गई है। समिति कोनारी के प्रभारी प्रबंधक राजेंद्र चंद्राकर, समिति रोहरा के कंप्यूटर ऑपरेटर बीरेंद्र साहू, और समिति रिसदा के विक्रेता टीका राम वर्मा के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के लिए शाखा प्रबंधक को पत्र जारी कर दिया गया है।
प्रशासन का कहना है कि धान खरीदी जैसे आवश्यक कार्य में बाधा किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जाएगी। हड़ताल की आड़ में काम बंद कर किसानों को परेशानी में डालने पर आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।









