वाराणसी। पुलिस कमिश्नरेट की विशेष जांच दल (एसआईटी) को कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी के एक बड़े मामले में अहम सफलता हाथ लगी है। मंगलवार को एसआईटी ने सिद्धार्थनगर जिले में इंडो-नेपाल बॉर्डर के पास से शुभम जायसवाल के सिंडिकेट से जुड़े तीन फरार आरोपियों को दबोच लिया। ये तीनों आरोपी नेपाल के रास्ते किसी अन्य देश फरार होने की फिराक में थे, लेकिन समय रहते पुलिस ने उन्हें धर दबोचा।
गिरफ्तार आरोपियों में आकाश पाठक, विकास सिंह नर्वे और अंकित श्रीवास्तव शामिल हैं। आकाश पाठक को इस तस्करी गिरोह के सरगना शुभम जायसवाल का राइट हैंड माना जाता है। वह फर्जी फर्म ‘मेड रेमेडी लाइफकेयर प्राइवेट लिमिटेड’ का सीओ-डायरेक्टर था, जिसमें शुभम जायसवाल भी पार्टनर था। इसी फर्जी फर्म के जरिए कंपीटेंट सर्टिफिकेट जारी कर कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध सप्लाई की जा रही थी। आकाश पाठक पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
दूसरा आरोपी विकास सिंह नर्वे, आजमगढ़ जिले के नर्वे गांव का रहने वाला है। वह शुभम जायसवाल के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर कोडीन युक्त कफ सिरप की खरीद-बिक्री और तस्करी में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। जांच में सामने आया है कि विकास ने देवनाथ फर्म के माध्यम से शैली फार्मा से करीब 5 लाख 13 हजार बोतल कफ सिरप बेचा, जिसकी बाजार कीमत लगभग 15 करोड़ रुपये आंकी गई है। विकास कई बार शुभम जायसवाल के साथ दुबई गया था और तस्करी से जुड़े पैसों के लेन-देन को संभालता था। उस पर भी 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
तीसरा आरोपी अंकित श्रीवास्तव, विकास सिंह नर्वे का करीबी सहयोगी था और गैंग के लिए लॉजिस्टिक व अन्य कार्यों में मदद करता था। पुलिस के अनुसार तीनों आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहे थे।
पुलिस को खुफिया सूचना मिली थी कि ये आरोपी नेपाल बॉर्डर के रास्ते किसी अन्य देश भागने की तैयारी में हैं। इसके बाद कोतवाली थाने की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर सीमा क्षेत्र में सघन निगरानी शुरू की और मंगलवार को तीनों को हिरासत में ले लिया। फिलहाल उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर वाराणसी लाया जा रहा है, जहां उनसे गहन पूछताछ की जाएगी।
यह पूरा मामला उत्तर प्रदेश में कोडीन मिश्रित कफ सिरप, जैसे फेंसिडिल, की अवैध तस्करी से जुड़ा है, जिसका इस्तेमाल नशे के रूप में किया जाता है। मुख्य सरगना शुभम जायसवाल फर्जी फर्मों और कागजी प्रमाणपत्रों के जरिए लाखों बोतल सिरप की सप्लाई कर चुका है। इस मामले में अब तक कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, शुभम जायसवाल के परिवार की संपत्तियां फ्रीज की जा चुकी हैं, जबकि शुभम और उसके कुछ करीबी साथी दुबई फरार हैं, जिनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है।
वाराणसी के डीसीपी गौरव बंसवाल ने एसआईटी की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान कर उनके खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का दावा है कि यह गिरोह पूरी तरह ध्वस्त करने की दिशा में जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।













