रायपुर/मुंगेली। प्रदेश में धान खरीदी और कस्टम मिलिंग में गड़बड़ियों को लेकर शुरू हुई सख्त कार्रवाई अब जमीन पर दिखने लगी है। मुंगेली जिले में कस्टम मिलिंग में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 19 राइस मिलों पर शिकंजा कस दिया है। इनमें से 14 राइस मिलों को सील कर दिया गया है, जबकि 12 हजार क्विंटल से अधिक धान जब्त किया गया है। इस कार्रवाई से जिलेभर के राइस मिल संचालकों में हड़कंप मच गया है।
यह कार्रवाई राज्य आईसीसीसी से मिले अलर्ट और मुख्य सचिव विकासशील के निर्देश पर की गई। कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय, अपर कलेक्टर जी.एल. यादव सहित राजस्व, पुलिस और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने कई राइस मिलों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान ओवरलोडिंग, रिसायक्लिंग और कस्टम मिलिंग में भारी गड़बड़ियां उजागर हुईं।
उपलेटा राइस मिल, नवागांव घुठेरा रोड स्थित नेशनल दाल मिल, पंडरिया रोड की वर्धमान मिलिंग इंडस्ट्रीज, जैन राइस इंडस्ट्रीज और नवकार दाल उद्योग में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जहां से 12 हजार क्विंटल से अधिक धान जब्त किया गया। इसके अलावा नवागढ़ रोड स्थित दीपक राइस इंडस्ट्रीज और दीपक मिलिंग इंडस्ट्रीज में 198 क्विंटल से अधिक, जबकि लोरमी रोड स्थित एसएस फूड में 1761 क्विंटल से ज्यादा धान की कमी पाई गई।
जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश और मोटर वाहन अधिनियम के तहत कुल 19 राइस मिलों पर कार्रवाई की जा रही है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान उठाव की प्रक्रिया की निगरानी के लिए आईसीसीसी कमांड सेंटर से जीपीएस ट्रैकिंग की जा रही है। निर्धारित मार्ग से भटकाव, अधिक समय तक वाहन का रुकना या ओवरलोडिंग की स्थिति में तत्काल अलर्ट जारी किया जाता है।
जिले की सीमाओं और चेक पोस्टों पर चौकसी बढ़ा दी गई है। रात में विशेष गश्त और संदिग्ध वाहनों की सघन जांच की जा रही है ताकि कोचियों और बिचौलियों के जरिए अवैध धान खपाने पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
कलेक्टर कुन्दन कुमार ने स्पष्ट कहा है कि धान खरीदी में पारदर्शिता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी, फर्जीवाड़ा या बिचौलियों की भूमिका सामने आई तो बिना किसी दबाव के कड़ी कार्रवाई की जाएगी।













