नई दिल्ली। ईंधन संकट और एलपीजी की कमी के बीच केंद्र सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने केरोसीन वितरण के नियमों में अस्थायी ढील देते हुए अगले 60 दिनों के लिए पेट्रोल पंपों से भी केरोसीन बेचने की अनुमति दे दी है।
सरकार का यह निर्णय वैश्विक ऊर्जा संकट को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जो अंतरराष्ट्रीय हालात, विशेषकर ईरान से जुड़े तनाव और आपूर्ति बाधाओं के कारण उत्पन्न हुआ है। अब तक राशन दुकानों तक सीमित सब्सिडी वाला पीडीएस केरोसीन अब चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे आम लोगों को खाना बनाने और रोशनी के लिए सुविधा मिल सके।
इस नई व्यवस्था के तहत देश के 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसे लागू किया गया है, जिनमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा, गुजरात और दिल्ली जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। प्रत्येक जिले में अधिकतम दो पेट्रोल पंपों को इस योजना के लिए चुना जाएगा, जहां 5,000 लीटर तक केरोसीन स्टोर और बिक्री की अनुमति होगी।
इस पूरी व्यवस्था को इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां संचालित करेंगी। सरकार ने साफ किया है कि सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा।
यह व्यवस्था तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई है और अगले 60 दिनों तक या अगले आदेश जारी होने तक प्रभावी रहेगी। हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह केवल एक अस्थायी कदम है और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में कोई स्थायी बदलाव नहीं किया गया है।
स्थानीय प्रशासन जल्द ही चयनित पेट्रोल पंपों की सूची जारी करेगा, जिससे लोगों को यह पता चल सके कि उनके नजदीक कहां केरोसीन उपलब्ध होगा।
सरकार का मानना है कि इस फैसले से दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लाखों परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी, जो अब भी केरोसीन पर निर्भर हैं।













