लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने खाद्य व्यवसाय से जुड़े व्यापारियों को बड़ी राहत देते हुए लाइसेंस व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव का फैसला लिया है। इस निर्णय के तहत अब छोटे और मध्यम स्तर के व्यापारियों को लाइसेंस प्रक्रिया में सरलता और आर्थिक राहत दोनों मिलेगी।
घोषणा के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से फूड विभाग में ₹100 के लाइसेंस रजिस्ट्रेशन की सीमा को 12 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यानी अब डेढ़ करोड़ तक के टर्नओवर वाले व्यापारी मात्र ₹100 में पंजीकरण करा सकेंगे।
सबसे अहम बदलाव यह है कि अब यह लाइसेंस आजीवन मान्य होगा। व्यापारियों को बार-बार रिन्यूअल कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी।
इस फैसले से किराना, रेस्टोरेंट, होटल, मिठाई, खाद्य सामग्री से जुड़े खुदरा और थोक व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा। लंबे समय से व्यापारी संगठनों द्वारा इस मांग को उठाया जा रहा था, जिसे अब सरकार ने स्वीकार कर लिया है।
नितिन अग्रवाल ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे प्रदेश के लाखों व्यापारियों को राहत मिलेगी और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने इसे व्यापारी हित में लिया गया बड़ा कदम बताया।
वहीं, विभिन्न व्यापार संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों ने भी सरकार के इस फैसले की सराहना करते हुए इसे ऐतिहासिक निर्णय बताया है। उनका कहना है कि इससे छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी और कारोबार करना पहले से आसान होगा।
व्यापारिक संगठनों ने अपील की है कि इस जानकारी को अधिक से अधिक व्यापारियों तक पहुंचाया जाए, ताकि वे इस नई व्यवस्था का लाभ उठा सकें।













