देवरिया। जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा अपराध नियंत्रण को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन ने एक हेड कांस्टेबल को कार्य में लापरवाही के आरोप में लाइन हाजिर करने के साथ ही 15 पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण कर उन्हें नई तैनाती प्रदान की है। इस कार्रवाई को विभागीय अनुशासन और बेहतर पुलिसिंग की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
जारी आदेश के अनुसार खामपार थाने में तैनात हेड कांस्टेबल दिनेश सिंह को कार्य में शिथिलता और लापरवाही बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस कार्यप्रणाली में जवाबदेही तय करने और ड्यूटी के प्रति गंभीरता बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है।
इसके अलावा पुलिस लाइन और विभिन्न थानों में तैनात हेड कांस्टेबलों एवं कांस्टेबलों के कार्यक्षेत्र में व्यापक बदलाव किया गया है। पुलिस लाइन से हेड कांस्टेबल शशि शंकर राय को साइबर थाना में तैनाती दी गई है, जबकि गुड्डू यादव को यातायात शाखा भेजा गया है। वहीं अखिलेश कुमार दुबे को सरौली थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जहां उनसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने और फरियादियों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण की अपेक्षा की जा रही है।
यातायात शाखा में कार्यरत कांस्टेबल प्रमोद यादव का स्थानांतरण सदर कोतवाली किया गया है। लार थाने में तैनात महिला कांस्टेबल वर्षा शर्मा को थाना कार्यालय में नई जिम्मेदारी दी गई है। इसी क्रम में पुलिस लाइन से चंगेज खान को श्रीरामपुर थाना भेजा गया है, जबकि रुद्रपुर कोतवाली से महिला कांस्टेबल शालिनी को थाना कार्यालय और महताब अंसारी को सरौली थाने में तैनात किया गया है।
अन्य स्थानांतरणों में अभिषेक कुमार को परिवहन शाखा, दीपिका मौर्य को अन्य शाखा तथा बिंदेश्वर को सर्विलांस सेल में नियुक्ति दी गई है। ईश्वर चंद्र यादव को सदर कोतवाली, राहुल यादव को बनकटा थाना और हेड कांस्टेबल सुभाष सिंह को तरकुलवा थाना में नई तैनाती सौंपी गई है।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी आदेश में सभी संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से अपने-अपने नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि स्थानांतरण के उपरांत अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था की मजबूती और आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान को प्राथमिकता दें।
पुलिस महकमे में इस फेरबदल को एक नियमित लेकिन सख्त प्रशासनिक कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि नई तैनाती से पुलिसकर्मियों में कार्य के प्रति नई ऊर्जा आएगी और जिले में अपराध पर अंकुश लगाने के साथ-साथ जनता का विश्वास भी और मजबूत होगा।













