वेटलापलेम। आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले के समालकोटा मंडल अंतर्गत वेटलापलेम गांव में शनिवार दोपहर करीब दो बजे पटाखा बनाने वाली एक इकाई में भीषण विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि आसपास का इलाका दहल उठा और कुछ ही पलों में पूरी फैक्ट्री आग की चपेट में आ गई। हादसे में कम से कम 18 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि छह अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। जिस समय विस्फोट हुआ, उस दौरान इकाई में 20 से अधिक श्रमिक काम कर रहे थे।
बताया जा रहा है कि ‘सूर्या फायर वर्क्स’ नाम से संचालित इस फैक्ट्री में अचानक तेज धमाका हुआ, जिसके बाद आग ने तेजी से पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। धमाके की गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कुछ मजदूरों के शव और अंग आसपास के खेतों तक जा गिरे। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग भयभीत होकर घरों से बाहर निकल आए।
स्थानीय ग्रामीणों ने सबसे पहले मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया और मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। आग पर काबू पाने में काफी समय लगा, क्योंकि फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री रखी हुई थी। राहत-बचाव टीमों ने ड्रोन की मदद से आसपास के खेतों और मलबे में फंसे लोगों की तलाश शुरू की।
घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि कई मजदूर 90 से 100 प्रतिशत तक झुलस गए हैं और उनकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। चिकित्सकों की विशेष टीम उनका इलाज कर रही है, लेकिन कुछ की स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।
हादसे की सूचना मिलते ही राज्य सरकार भी सक्रिय हो गई। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद करेगी तथा घायलों के इलाज का पूरा खर्च वहन किया जाएगा।
राज्य की गृह मंत्री वंगालपुडी अनीता ने बताया कि प्रशासन की टीमें लगातार घटनास्थल पर डटी हुई हैं और सभी घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ घायलों की हालत नाजुक है, इसलिए स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की आशंका जताई जा रही है। माना जा रहा है कि रसायनों के गलत मिश्रण या भंडारण में लापरवाही के कारण विस्फोट हुआ हो सकता है, हालांकि असली कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं। पुलिस ने फैक्ट्री प्रबंधन से जुड़े दस्तावेज जब्त कर लिए हैं और श्रमिकों की संख्या व सुरक्षा इंतजामों की भी पड़ताल की जा रही है।
यह दर्दनाक हादसा पटाखा उद्योग में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि फैक्ट्री में पहले भी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। फिलहाल प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी है और लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।













