चंदौली। मटियरा गांव स्थित काली माता मंदिर परिसर शनिवार की रात भक्तिरस से सराबोर हो उठा। श्रीकृष्ण आयोजन समिति की ओर से आयोजित श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समारोह में गांव ही नहीं, बल्कि आसपास के इलाकों से भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। पूरा वातावरण “हरे कृष्णा, हरे राम” के जयघोष और भक्ति संगीत से गूंज उठा।
भक्तिमय प्रस्तुतियों ने बांधा समां
समारोह में आए कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और लीलाओं पर आधारित आकर्षक मंचन किया।
- कृष्ण-सुदामा लीला ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।
- राधा-कृष्ण के भक्ति नृत्य और गीतों ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
- भगवान के बाल रूप और गोकुल की लीलाओं की प्रस्तुति ने बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को आनंदित कर दिया।
हर प्रस्तुति पर तालियों की गड़गड़ाहट गूंजती रही और दर्शकों ने उत्साहपूर्वक कलाकारों का हौसला बढ़ाया।
कलाकारों का सम्मान
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे जिला पंचायत सदस्य रविन्द्र यादव ने मंच पर आकर कलाकारों को अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने कहा—
“भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से हमें धर्म, नीति, साहस और न्याय की सीख मिलती है। उन्होंने हर युग में मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया है। ऐसे आयोजनों से समाज में भक्ति, सद्भाव और संस्कृति के प्रति लगाव बढ़ता है।”
परंपरा और सामाजिक एकता की मिसाल
गांव के लोगों ने बताया कि मटियरा गांव में पिछले कई वर्षों से श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का आयोजन निरंतर किया जा रहा है। यह आयोजन केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
- इस उत्सव से गांव में आपसी भाईचारा मजबूत होता है।
- युवाओं को अपनी संस्कृति और परंपरा से जुड़ने का अवसर मिलता है।
- महिलाओं और बच्चों की सहभागिता से कार्यक्रम और भी जीवंत बन जाता है।

पूरा गांव रहा उपस्थित
कार्यक्रम में गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग उपस्थित हुए। संयोजक और सहयोगियों में प्रमुख रूप से प्रधान संतोष यादव, राजू यादव, बाबूलाल यादव, अध्यक्ष गोबिंद यादव, राहुल यादव, शेखर यादव, अखिलेश यादव, विकास यादव, बुल्लू, अल्लु, भैरव, निखिल, नितिन, सौरभ, गौरी, प्रिंस, बिट्टू, सुभाष सहित अनेक ग्रामीणों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
रातभर चले इस आयोजन में श्रद्धालु भक्ति में लीन रहे और कृष्ण भजनों पर झूमते रहे। मंदिर परिसर रंग-बिरंगी झालरों और रोशनियों से जगमगा उठा था, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक और उल्लासपूर्ण दिखाई दे रहा था।
विशेष संवाददाता- गनपत राय













