वाराणसी। जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां मृगेंद्र लाल श्रीवास्तव नामक एक व्यक्ति ने खुद को बिजली विभाग का एसडीओ बताकर कई लोगों से लाखों रुपये की ठगी की और फरार हो गया। बताया जा रहा है कि यह व्यक्ति फर्जी पहचान पत्र दिखाकर लोगों को भरोसे में लेता था और अस्थायी नौकरी दिलाने के नाम पर रुपये ऐंठता था।
विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी मृगेंद्र लाल श्रीवास्तव वाराणसी और आसपास के इलाकों में घूम-घूमकर लोगों से कहता था कि वह बिजली विभाग में ऊंचे पद पर कार्यरत है और थोड़े खर्च पर अस्थाई नौकरी दिलवा सकता है, जो कुछ समय बाद स्थायी हो जाएगी। उसकी मीठी बातों में आकर कई लोगों ने उस पर विश्वास किया और उसे बड़ी रकम सौंप दी।
हालांकि, रुपये लेने के बाद आरोपी अचानक गायब हो गया। ठगे गए लोग अब उसकी तलाश में भटक रहे हैं और खुद को धोखा खाया महसूस कर रहे हैं। पीड़ितों ने जब मामले की जानकारी पुलिस को दी तो पुलिस ने बताया कि यह नकदी लेनदेन से जुड़ा मामला है, और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी द्वारा दिखाया गया आईडी कार्ड फर्जी है और बिजली विभाग में इस नाम का कोई एसडीओ कार्यरत नहीं है। इस बात से स्पष्ट है कि आरोपी ने पहले से योजना बनाकर लोगों को ठगने की साजिश रची थी।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार किया जाए और पीड़ितों को न्याय दिलाया जाए। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि किसी भी सरकारी नौकरी या ठेके के नाम पर कोई व्यक्ति यदि पैसे मांगे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।









