सहारनपुर। सुरक्षा के दावों पर बड़ा सवाल खड़ा करते हुए शहर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले सदर बाजार इलाके में गुरुवार रात सनसनीखेज चोरी हो गई। टाटा समूह की नामी डायमंड फ्रेंचाइजी ‘कैरट लेन’ शोरूम को चोरों ने निशाना बनाया और छत के रास्ते घुसकर करीब 2 करोड़ रुपये के हीरे के नेकलेस साफ कर दिए। हैरानी की बात यह है कि वारदात स्थल से महज 100 मीटर की दूरी पर डीआईजी कार्यालय मौजूद है।
शुक्रवार सुबह शोरूम खुलते ही चोरी का खुलासा हुआ। अंदर का नजारा देखकर स्टाफ के होश उड़ गए—आलमारियां खुली थीं, दीवार में करीब तीन फीट का छेद था और कीमती आभूषण गायब थे। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
जांच में सामने आया कि चोर बेहद पेशेवर थे। शोरूम में लगे करीब 20 सीसीटीवी कैमरों को वारदात से पहले बंद कर दिया गया। जिस दीवार पर कैमरों का कनेक्शन प्वाइंट था, उसी को तोड़कर चोर भीतर दाखिल हुए। पुलिस का मानना है कि बिना अंदरूनी जानकारी के यह संभव नहीं था।
पुलिस के अनुसार, शोरूम में कुल करीब 5 करोड़ रुपये के आभूषण रखे थे। तीन आलमारियों में छह हीरे के नेकलेस मौजूद थे, लेकिन चोरों ने बेहद चुनिंदा तरीके से सिर्फ चार नेकलेस उठाए और तीसरी अलमारी को हाथ तक नहीं लगाया। यह चयन खुद में चोरी की स्क्रिप्ट पर सवाल खड़े करता है।
वारदात का तरीका भी चौंकाने वाला है। शोरूम की इमारत की छत तक बाहर से सीढ़ियां जाती हैं। चोर पहले छत पर पहुंचे, दरवाजा तोड़ा, नीचे उतरे और फिर दीवार काटकर शोरूम के भीतर घुस गए। न तो कोई अलार्म बजा और न ही किसी को भनक लगी।
सुबह घटना की जानकारी मिलते ही एसपी सिटी व्योम बिंदल, एएसपी मनोज कुमार और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। आसपास के दुकानदारों और स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है। इलाके में नियमित पुलिस गश्त के बावजूद इतनी बड़ी चोरी होना सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता नजर आ रहा है।
पुलिस का दावा है कि यह चोरी बिना लंबी रेकी और तकनीकी जानकारी के संभव नहीं है। अब सवाल यह है कि डीआईजी कार्यालय के इतने करीब, हाई-सिक्योरिटी जोन में चोर इतने बेखौफ कैसे रहे—और क्या इसमें किसी अंदरूनी हाथ की भूमिका है?













